गैसड़ी में यूरिया खाद की कालाबाजारी, सरकारी रेट सिर्फ कागजों में, जमीनी हकीकत में किसानों से अवैध वसूली

गैसड़ी में यूरिया खाद की कालाबाजारी, सरकारी रेट सिर्फ कागजों में, जमीनी हकीकत में किसानों से अवैध वसूली

निष्पक्ष जन अवलोकन विकास खंड गैसड़ी में (बलरामपुर )किसानों के साथ खुलेआम लूट का खेल खेला जा रहा है। मौलाना की दुकान के नाम से संचालित यूरिया खाद की दुकान पर सरकारी निर्धारित दर को ताक पर रखकर 350 से 450 रुपये प्रति बोरी तक यूरिया खाद बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध वसूली किसी चोरी-छिपे नहीं, बल्कि प्रशासनिक संरक्षण में चल रही है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल में संबंधित एडीजे (ADJ) की मिलीभगत सामने आ रही है। जब इस गंभीर मामले को लेकर संवाददाता ने एडीजे से दूरभाष पर संपर्क कर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया, तो उन्होंने जांच या कार्रवाई का भरोसा देने के बजाय उल्टा यह कह दिया कि— “सबसे ज्यादा आपको ही दिखाई देता है।” एडीजे का यह गैर-जिम्मेदाराना बयान अपने आप में बहुत कुछ बयां करता है। यह शब्द सीधे तौर पर इस बात की पुष्टि करता है कि खाद की कालाबाज़ारी को रोकने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप होता, तो अधिकारी तुरंत जांच के आदेश देते, न कि शिकायतकर्ता पर ही सवाल उठाते। क्षेत्र के किसान पहले से ही खाद की किल्लत और बढ़ती लागत से परेशान हैं। ऊपर से इस तरह खुलेआम मनमानी वसूली ने उनकी कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, क्योंकि विकल्प नहीं बचा है।