सोनभद्र में अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटरों में डाक्टर नहीं डाक्टर की डिग्रियाँ कर रहीं ईलाज

सोनभद्र में अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटरों में डाक्टर नहीं डाक्टर की डिग्रियाँ कर रहीं ईलाज

निष्पक्ष जन अवलोकन /अमर नाथ शर्मा सोनभद्र/ विगत कुछ माह पहले मुख्य मंत्री योगी आदितयनाथ ने झोलाछाप डाक्टरों पर कार्यवाही करने के कडे निर्देश दिये थे तो बीयूएमएस व झोलाछाप डाकटरों ने अपने अस्पतालों क्लिनिकों को बन्द कर दिया था तथा स्वास्थय विभाग के अधिकारियों ने ऐसे झोलाछाप डाक्टरों व उनके चल रहे अस्पतालों क्लीनिकों के विरूद्ध कार्यवाही भी की थी तब बीयूएएमएस डाक्टरों ने अपने-अपने अस्पतालों को बन्द भी कर दिया था । शासन व स्वास्थय विभाग की नजर में ऐसे लोग व डाक्टर झोलाछाप की श्रेणी में आते है तो कुछ समय बीतने के बाद ऐसे अस्पताल पुन: संचालित होने लगे आखिर क्यों ? क्या स्वास्थय विभाग के अधिकारियों ने ऐसे झोलाछाप डाक्टरों को एमबीबीएस की डिग्री प्रदान कर दी है । या बीयूएमएस बीएएमएस डाक्टरों की डिग्री एमबीबीएस डाक्टरों के समकक्ष मान ली है या शासन का कोई आदेश मिल गया है । जो ऐसे झोलाछाप डाक्टर लोग जनपद में खुलेआम अपने अस्पताल चला रहे जिन पर अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी की नजर नही जा पा रही है । जनपद में सैकडों कम्पाउडर झोलाछाप डाक्टर लोग अस्पताल व डायग्नोस्टिक सेंटर चला रहे है जहाँ कोई डाक्टर ही नही हैं लेकिन अस्पताल गेट पर व उनके पर्चे पर बड़े-बड़े डाक्टरों के नाम व उनकी डिग्रियाँ लिखी हुईं दूर से ही दिखाई देती हैं । झोलाछाप डाक्टरों के अस्पतालों में डाक्टर नही डाक्टरों की डिग्रियाँ कर रहीं है ईलाज स्वास्थय विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व नोडल अधिकारी ऐसे अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटर के झोलाछाप डाक्टरों के प्रति क्यों मूकदर्शक बने हुये हैं । अगर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी जनपद के अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटरों की उच्च स्मस्तरीय जाँच करें व लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच करें तो जनपद के आधे अस्पताल व डायग्नोस्टिक सेंटर बन्द हो जाएँगे