मनरेगा में फर्जीवाड़ा, मजदूरों के हक पर डाका

मनरेगा में फर्जीवाड़ा, मजदूरों के हक पर डाका

निष्पक्ष जन अवलोकन। जनपद बलरामपुर विकासखंड पचपेड़वा से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रजडेरवा थारू में खुलेआम मनरेगा का फर्जी खेल चल रहा है। यहाँ 7 मास्टर रोल पर 47 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी चढ़ाई गई, लेकिन मौके पर सिर्फ गिने-चुने मजदूर ही पाए गए। मजदूरों के नाम से फोटो की फोटो चिपकाकर कार्य दर्शाया जा रहा है। हकीकत यह है कि मजदूरी का पैसा बेरोजगार गरीब मजदूरों तक पहुँचने के बजाय जेबों में समा रहा है। इसी तरह का हाल ग्राम पंचायत भगवान शिवपुर में देखने को मिला। यहाँ 2 मास्टर रोल पर 14 मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज की गई, जबकि मौके पर एक भी मजदूर कार्य करता नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा काम सिर्फ कागजों पर दिखाया जाता है। वास्तव में मजदूर बेबस, लाचार होकर अपने हक का पैसा पाने को तरसते हैं, जबकि रोजगार सेवक और प्रधान मिलकर मनरेगा की योजना को लूट का जरिया बना चुके हैं। गांव के मजदूरों की आँखों में आंसू और दिल में आक्रोश साफ झलकता है। पेट पालने के लिए मजदूरी का सहारा लेने वाले गरीब तबके के सामने भूखमरी का संकट खड़ा हो गया है। जबकि ऊपर बैठे जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर चुप्पी साधे हुए हैं। लोग पूछ रहे हैं — आखिर कब तक मजदूरों के हक पर डाका डाला जाएगा? कब तक फर्जी हाजिरी और फर्जी मास्टर रोल का खेल चलता रहेगा? मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का मकसद गरीबों को रोज़गार देना था, लेकिन जिम्मेदारों की मिलीभगत से यह योजना गरीबों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का हथियार बन चुकी है।