बाल विवाह और बाल श्रम के विरुद्ध पुलिस की बड़ी कार्रवाई 4 किशोर मुक्त
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जनपद में बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देशन में 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' और 'किशोर श्रम उन्मूलन' के तहत संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी और जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से 04 किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। संयुक्त टीम ने दी दबिश अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह व क्षेत्राधिकारी यातायात राजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट श्रम विभाग, जिला प्रोबेशन कार्यालय, चाइल्ड लाइन और वन स्टॉप सेंटर की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन, नझाई बाजार, होटलों और ढाबों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। टीम का नेतृत्व एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर ने किया। दोषी नियोजकों को थमाया नोटिस अभियान के दौरान दुकानों और होटलों पर काम कर रहे 4 किशोरों को बाल श्रम करते हुए पाया गया। श्रम विभाग के अधिकारी अनिल कुमार व कुलदीप गुप्ता ने मौके पर ही संबंधित प्रतिष्ठान स्वामियों को नोटिस जारी कर कड़ी चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है और ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। शपथ लेकर बाल विवाह रोकने का संकल्प जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और पुरुषों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। टीम ने जानकारी दी कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष से कम होने पर विवाह करना कानूनी अपराध है। इस दौरान उपस्थित लोगों को अपने आसपास बाल विवाह रोकने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की शपथ भी दिलाई गई। टीम में ये रहे शामिल: अभियान में मुख्य रूप से निरीक्षक हरिशंकर, म.का. कल्पना बाजपेयी, जयराम (जिला प्रोबेशन), ममता श्रीवास व पूनम शर्मा (वन स्टॉप सेंटर) और शुभम शुक्ला (चाइल्ड लाइन) सहित श्रम विभाग की टीम मौजूद रही।