पुलिस ने चलाया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान डिजिटल अरेस्ट और डीपफेक से बचने के बताए उपाय

पुलिस ने चलाया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान डिजिटल अरेस्ट और डीपफेक से बचने के बताए उपाय

निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए ललितपुर पुलिस एक्शन मोड में है। रविवार को पुलिस अधीक्षक श्री मो. मुश्ताक के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों की साइबर सेल और पुलिस टीमों ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान आम जनमानस को साइबर ठगी के नए तरीकों जैसे डीपफेक और डिजिटल अरेस्ट के प्रति सतर्क किया गया। इन खतरों से रहें सावधान पुलिस टीमों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को विस्तार से बताया कि साइबर अपराधी किस तरह साइबर बुलिंग, स्टॉकिंग, फिशिंग और आइडेंटिटी थेफ्ट (पहचान की चोरी) के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। जागरूकता कार्यक्रम में विशेष रूप से एआई (AI) के बढ़ते दुरुपयोग और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे फर्जीवाड़े से बचने की सलाह दी गई। पुलिस द्वारा जारी 'सुरक्षा मंत्र' अभियान के दौरान पुलिस ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए: अनजान लिंक से दूरी: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ऐप हमेशा आधिकारिक स्टोर (Play Store/App Store) से ही डाउनलोड करें। बैंकिंग सुरक्षा: ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। कॉल पर मिलने वाले प्रलोभन या धमकी में न आएं। सोशल मीडिया सावधानी: अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन हमेशा ऑन रखें। मजबूत पासवर्ड: अपने सभी डिजिटल अकाउंट्स के लिए कठिन पासवर्ड बनाएं। गोल्डन ऑवर का रखें ध्यान पुलिस अधीक्षक ने अपील की है कि यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराध के शुरुआती समय (गोल्डन ऑवर) में सूचना देने पर ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।