स्वामी विवेकानन्द की 164वीं जयंती समारोह का रामकृष्ण मठ में शुभारंभ
निष्पक्ष जन अवलोकन।
अमित चावला ।
लखनऊ। आधुनिक भारत के राष्ट्रनायक एवं महान संत स्वामी विवेकानन्द की 164वीं जयंती का शुभारंभ शनिवार, 10 जनवरी को रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक विधि-विधानों के साथ हुआ। यह जयंती समारोह 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन विविध धार्मिक, आध्यात्मिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम होंगे। समारोह में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखी जा रही है।
श्री रामकृष्ण मंदिर परिसर में प्रातः 5 बजे शंखनाद और मंगल आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद सुप्रभातम एवं सामूहिक प्रार्थना संपन्न हुई। इस अवसर पर “स्वामी विवेकानन्द की गुरु-भक्ति” विषय पर विशेष सत्संग देते हुए रामकृष्ण मठ, लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने श्रीरामकृष्ण परमहंस को अपना गुरु माना और उनके विचारों से प्रेरित होकर जीवन को आध्यात्मिक दिशा दी।
सत्संग के पश्चात विशेष पूजा, चंडी पाठ, भक्तिगीत और मंत्रोच्चार का आयोजन हुआ। कठोपनिषद का पाठ स्वामी पारगानन्द द्वारा किया गया। इसके उपरांत हवन, पुष्पांजलि, शिवनाम संकीर्तन और भोगराती संपन्न हुई। इस दौरान लगभग एक हजार श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण मंदिर परिसर में किया गया।
शाम को संध्या आरती के बाद एक जनसभा का आयोजन हुआ। रामकृष्ण मठ के स्वामी विश्वदेवानन्द ने “युवाओं के नायक—स्वामी विवेकानन्द” विषय पर अपने विचार रखते हुए उनके प्रेरक संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” को युवाओं के लिए प्रासंगिक बताया। वहीं, आईआईएम लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. सब्यसाची सिन्हा ने “आदर्श शिक्षाविद—स्वामी विवेकानन्द” विषय पर कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति की अंतर्निहित शक्तियों को जागृत करती है।
अध्यक्षीय भाषण में स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने श्रीरामकृष्ण और स्वामी विवेकानन्द के आध्यात्मिक संबंधों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन भजन गायक अनिमेष मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत भक्तिगीतों के साथ हुआ। समारोह 18 जनवरी तक जारी रहेगा।