मृत्यु अटल सत्य है, मनुष्य को सदैव सत्कर्म मार्ग पर चलना चाहिए
निष्पक्ष जन अवलोकन
बदायूं/बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम रिसौली के मजरा भिलौलिया में शिव मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सातवें कथावाचक शिवांगी माधव ने राजा परीक्षित की प्रेरणादायी कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथा में उन्होंने बताया कि महाभारत युद्ध के पश्चात अर्जुन पुत्र अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित हस्तिनापुर के सिंहासन पर विराजमान हुए। एक प्रसंग में ऋषि शमीक के अपमान के कारण उन्हें श्राप मिला कि सातवें दिन तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु होगी। श्राप की जानकारी मिलते ही राजा परीक्षित ने राजपाट त्यागकर गंगा तट पर संतों की शरण ली और सात दिनों तक श्रीमद्भागवत का श्रवण किया। कथावाचक ने कहा कि मृत्यु अटल सत्य है, इसलिए मनुष्य को सदैव सत्कर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए। कथा के दौरान पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। अंत में सामूहिक आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि कथा के समापन पर मंदिर सोमवार को विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य भुवनेश कुमार यादव, ओमप्रकाश सिंह, वीरेश कुमार, प्रेमपाल, दिनेश कुमार, अमनेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।