महाशिवरात्रि पर लोधेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, तीन लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

महाशिवरात्रि पर लोधेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, तीन लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक


निष्पक्ष जन अवलोकन | रामशंकर वर्मा

रामनगर (बाराबंकी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लोधेश्वर महादेवा के सुप्रसिद्ध शिव मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ण होने की कामना की।

महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या से ही प्रदेश के विभिन्न जनपदों—लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, कानपुर, सीतापुर, बहराइच, फैजाबाद, झांसी, जालौन, एटा, मैनपुरी, इटावा आदि से भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में शिवभक्त दोपहिया एवं चौपहिया वाहनों से महादेवा पहुंचे, वहीं कई श्रद्धालु ट्रेनों के माध्यम से बुढ़वल जंक्शन पहुंचकर वहां से महादेवा धाम आए। देर रात तक पूरा मेला परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय तथा अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी देर रात तक महादेवा में मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रहे। मंदिर के मुख्य द्वार पर क्षेत्राधिकारी रामनगर गरिमा पंत एवं थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडे अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहे। वहीं गर्भगृह में क्षेत्राधिकारी सौरभ श्रीवास्तव और देवा के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद दिखे।

उप जिलाधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गूंजिता अग्रवाल, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह और नायब तहसीलदार बी.पी. तिवारी मंदिर परिसर में कैंप कर कानून-व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में लगे रहे। इसके अलावा विभिन्न थानों के प्रभारी निरीक्षक एवं चौकी इंचार्ज भी सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रहे। पीएसी की दो प्लाटून तैनात की गई थीं। आरपीएफ पोस्ट कमांडर रवि कुमार एवं जीआरपी चौकी प्रभारी जयंत कुमार दुबे स्टेशन परिसर से लेकर केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग तक सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए थे।

हालांकि पिछली बार की तुलना में इस बार मेले में अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, जिससे होटल संचालकों, ठेला विक्रेताओं एवं प्रसाधन सामग्री विक्रेताओं में मायूसी देखी गई। देर रात तक पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक का क्रम जारी रहा और पूरा धाम ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा।