जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी में गूंजा अमन और मोहब्बत का पैगाम

जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी में गूंजा अमन और मोहब्बत का पैगाम

निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह मसौली, बाराबंकी। पीर व बुजुर्ग अल्लाह के बेहद करीब होते हैं। उनके दरगाहों पर पहुंचकर दिल को सुकून मिलता है और इंसान को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है। हम सभी को उनके बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए। उक्त विचार कस्बा बासा शरीफ में हजरत सैय्यद शाह अब्दुल रज़्ज़ाक़ बाबा के आस्ताने पर आयोजित आठ दिवसीय मेले के अंतर्गत मेला कमेटी द्वारा आयोजित जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता हजरत अल्लामा मौलाना मोहम्मद शैफ शफीपुरी ने जायरीन को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना अहमद अली ने तिलावत-ए-क़लाम-ए-पाक से की। अपने संबोधन में मौलाना ने कहा कि बुजुर्गों ने अल्लाह के पैगाम को दुनिया में फैलाने का कार्य किया है और उनके वसीले से मांगी गई दुआ जल्द कबूल होती है। उन्होंने कहा कि यदि इंसान अल्लाह के बताए हुए तरीके से जीवन व्यतीत करे, तो उसका जीवन सुकून और खुशहाली से भर जाता है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, एकता और प्रेम का संदेश मजबूत होता है। कार्यक्रम में कई शायरों ने नातिया कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। इस अवसर पर सज्जादानशीन मोहम्मद उमर जिलानी, बबलू फैजाबादी, मेला कमेटी अध्यक्ष रिजवान संजय, उपाध्यक्ष कामिल अली, गुफरान खादिम, नियाज खादिम, अबरार खादिम, मोहम्मद एखलाक अंसारी, सलमान खादिम, शाकिब खादिम, मोहम्मद आरिफ सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।