जन अधिकार पार्टी ने हर्सोउल्लास के साथ मनाई महान सम्राट अशोक की जयंती
निष्पक्ष जन अवलोकन/अमर नाथ शर्मा सोनभद्र/ जन अधिकार पार्टी के तत्वाधान में रामलीला मैदान राबर्ट्सगंज सोनभद्र में कार्यकताओं ने देवानामप्रिय प्रियदर्शी चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान जयंती एवं उत्कर्ष पर्व हर्षोउल्लास के साथ मनाया । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया, इस दौरान उपस्थित जन समुदाय ने भारत की है जिससे शान, विजयी विश्व अशोक महान । जन अधिकार पार्टी ने ठाना है, अशोक राज फिर से लाना है । जैसे गगन भेदी नारे लगा रहे थे साथ ही कार्यकर्ताओं ने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया ।मुख्य अतिथि डॉ भागीरथी सिंह मौर्य प्रदेश प्रमुख महासचिव जन अधिकार पार्टी ने कहा कि तीसरी शताब्दी ईसापूर्व राष्ट्र नायक सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र देवानाम प्रिय चक्रवर्ती प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान ने अपने पितामह द्वारा स्थापित साम्राज्य के गौरव को इतना बढ़ाये कि आज भी दुनिया भर के लोग इन्हें अतुलनीय मानते हैं इसीलिए सम्राट अशोक वास्तव में भारतीय इतिहास और विश्व इतिहास में आज भी एक चमकते हुए एकाकी तारे की भांति विद्यमान है।" सम्राट अशोक महान के साम्राज्य की सीमा आज का संपूर्ण भारत,पाकिस्तान,अफगानिस्तान, ईरान, बलूचिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, वर्मा तक फैला था सम्राट अशोक केवल अपने साम्राज्य ही नहीं अपितू भारत के संपर्क के अनेक देशों में जैसे - श्रीलंका,थाईलैंड, पश्चिम एशिया के मिश्र,यूनान चीन, कोरिया, तिब्बत,चीन, रूस जापान तक भगवान बुद्ध की शिक्षाओं जैसे कार्य कारण का सिद्धांत, मध्यम मार्ग, शील , समाधि, प्रज्ञा, मानवता, प्रेम, सहिष्णुता, सत्य, अहिंसा, लोककल्याण के मार्ग का प्रचार- प्रसार अपने पुत्र महेंद्र पुत्री संघमित्रा व अनेक योग्य धर्म महामात्रों को भेज कर कराये। सम्राट अशोक 23 विश्वविद्यालयों की स्थापना कराये जिसमें तक्षशिला, नालंदा,विक्रमशिला व कंधार विश्वविद्यालय प्रमुख है, शिक्षा का दरवाजा अपने देश के आम लोगों के लिये ही नहीं बल्कि विदेशी शिक्षार्थीयो के लिये भी खोल दिये परिणामतः भारत में विदेश से लोग बड़ी संख्या में शिक्षा ग्रहण करने के निमित्त आया करते थे। उन्होंने जनता के लिए बड़ी बड़ी सड़को का निर्माण कराये और सड़कों के किनारे पेयजल एवं छायादार वृक्षों को लगवाने का काम किये इसके साथ ही साथ जनता तक संदेश देने के लिए स्तंभ लेख, शिलालेख, गुफालेख खुदवाए जो दुनिया के तमाम देशों में आज भी मिलता है। जन अधिकार पार्टी के संस्थापक एवं सांसद बाबू सिंह कुशवाहा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकन्या कुशवाहा की चाहत है कि देश में सम्राट अशोक महान का शासन फिर से स्थापित हो जिससे देश में अमनचैन शांति खुशहाली मानवता भाईचारा स्थापित हो सके । मुख्य वक्ता सुमंत सिंह मौर्य मण्डल प्रभारी वाराणसी ने कहा कि विश्व विजयी सम्राट अशोक महान जनता को सच्चे धर्म के बारे में स्वयं प्रश्न करते हुए पूछते है कि "कियम चू धम्मे" अर्थात धम्म क्या है फिर उसका उत्तर स्वयं देते हुए कहते है कि " अपासिनवे बहुकयाने दया दाने सचे सोचये माधवे साधवे च" अर्थात धर्म ऐसा होना चाहिए जहां अल्प पाप हो, अधिक से अधिक कल्याण हो, दया हो, दान हो, सत्यवादिता हो, पवित्रता हो, मृदुुता हो, और साधुता होना चाहिए। इसी प्रकार सम्राट अशोक अपने लिये कहते थे कि "मैं कहीं भी रहूं, भोजन कर रहा होऊ, अंतःपुर में रहूं या भ्रमण में रहूं, प्रतिवेदक प्रतिक्षण मुझे प्रजा के कार्यों से सूचित करें। मैं सभी स्थानों पर लोक कल्याण का कार्य करूंगा। सभी मनुष्य मेरी प्रजा है और जैसे मैं अपनी संतान के लिए चाहता हूं कि इहलोक और परलोक में सुख और कल्याण से रहे वैसे ही मैं अपनी प्रजा रूपी संतान के लिए भी चाहता हूं, मेरे लिए सर्वलोकहित मेरा कर्तव्य है सर्व लोक हित से बढ़कर कोई दूसरा कर्म नहीं है,मैं जो कुछ पराक्रम करता हूं वह इसलिए की भूतों के ऋण से मुक्त होऊ।" मात्र जन अधिकार पार्टी ही एक ऐसी पार्टी है जो सम्राट अशोक के सिद्धांतों पर काम कर रही है इसलिए देश हित में देश वासियों को जन अधिकार पार्टी के साथ खड़े होने की जरूरत है विशिष्ट अतिथि रामचरित्र सोनकर एवं रामनरायण प्रजापति किरन कुशवाहा ने कहा कि महान सम्राट अशोक के लोककल्याणकारी आदर्श शासन व्यवस्था आज दुनिया के लिये एक उदाहरण है। सम्राट अशोक की शासन व्यवस्था से प्रभावित होकर ही भारतीय संविधान निर्माताओं ने भारतीय संविधान में अनेक चीजें जैसे अशोक स्तंभ के शीर्ष भाग चार सिंह जो बलशाली होकर, चारों दिशा में सिंह नाद करने के प्रतीक जैसी महान कृति को राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में निरूपित किये है। अंत में जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य ने जयंती समारोह में आए हुए लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जन अधिकार पार्टी के करवा को मुकाम तक पहुंचाने का अपील किए । कार्यक्रम को मंडल उपाध्यक्ष विजयमल मौर्य, कृष्णानंद मौर्य प्रधान, अवनीश सिंह कुशवाहा, रितेश गुप्ता डॉ बी के सिंह, चंद्रमा सिंह ने भी संबोधित किया कार्यक्रम में आरती मौर्य, सविता मौर्य, जय सिंह, शिवनारायण मौर्य, कृष्ण सिंह, शीतला प्रसाद, विनोद कुमार, अनुरुद्ध सिंह, रमेश कुमार, सोहन लाल, मुलायम मौर्य, प्रदीप मौर्य, मो० आमीन, सुक्खू मौर्य, गुलाब सिंह, लालबहादुर सिंह मुन्ना भारती सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।









