जल जीवन मिशन "हर घर जल" योजनान्तर्गत जनपद सोनभद्र में भारतीय संख्यिकी संस्थान की टीम द्वारा निरीक्षण
निष्पक्ष जन अवलोकन/अमर नाथ शर्मा सोनभद्र/जल जीवन मिशन के तहत सोनभद्र में हर घर नल योजना से जुड़े लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति होने के बाद पहले के दिनचर्या और अब के दिनचर्या में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। इस योजना ने लोगों के व्यवहारिक जीवन को भी बदल दिया है। लोगों के व्यवहारिक जीवन में पेयजल को लेकर कितना बदलाव आया है इसको लेकर भारतीय सांख्यिकी संस्थान की टीम सोनभद्र पहुंची। टीम ने नमामि गंगे योजना के तहत बने वाटर ट्रीटमेंट प्लाट का निरीक्षण किया और ग्राउंड जीरो पर जाकर लोगों से बात की। टीम के सदस्यों ने पानी की उपलब्धता नहीं होने से पहले व अब शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होने के बाद लोगों जीवन में कितना व्यवहारिक परिवर्तन आया है इसको लेकर जानकारी हासिल की। टीम चोपन ब्लॉक के चंदौली गांव समेत कई गांव में जाकर ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने शुद्ध पेयजल आपूर्ति के बाद व्यावहारिकता में काफी बदलाव बताया।ग्रामीणों ने पेयजल सुविधा को लेकर पहले और अब में अंतर बताया ग्रामीणों ने टीम को बताया कि पहले चूआड़, नदी व कुएं से पानी पानी लाना पड़ता था। पानी लाने में कई घंटे लग जाते थे। अब जल जीवन मिशन के तहत घर में नल लगा और शुद्ध पेयजल मिलता है। समय से पानी मिलने से हम लोगों के जीवन में काफी बदलाव हो गया है। अब सभी पानी को लेकर चिंतामुक्त रहते है। हम लोग अब घर का कामकाज सही समय से करते हैBYTE राहुल कुमार (टीम के सदस्य)BYTE आरती देवी (ग्रामीण महिला)टीम ने पानी की आपूर्ति बंद होने के बाद की स्थिति का जाना हाल BYTE रवि प्रकाश पाण्डेय (जांच टीम के सदस्य)BYTE पंकज कुमार (सहायक अभियंता जल जीवन मिशन टीम के सदस्यों ने जब ग्रामीणों से पूछा कि पानी जब बंद हो जाती है तो पानी की उपलब्धता कहा से होती है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी आपूर्ति बंद होने से पहले पानी को ड्रम व पानी की टंकी में स्टोर कर लेते हैं और पानी बर्बाद भी नहीं होता









