चौथे दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की हुई कथा भक्तों ने धूम धाम से मनाया जन्मोत्सव
बाराबंकी। अमोली कला ग्राम मे अनमोल मिश्रा अधिवक्ता के निज निवास पर चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जन्मोत्सव व लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कथा व्यास तरंग जी महाराज नैमिषारण्य ने भगवान श्रीकृष्ण एवं श्री राम जी के दिव्य जन्मोत्सव प्रसंग का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमे प्रभु श्री राम के मर्यादित जीवन से सीख लेनी चाहिए श्री व्यास जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण का महत्व बताया और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला प्रेम की शिक्षा देने और भक्तों का कल्याण करने वाली है। बाल कृष्ण जैसे ग्वाल बालों के घरों से माखन चुराते हैं, वैसे ही वे अपने भक्तों के हृदय से अहंकार और पाप का भी हरण करते हैं। यह लीला केवल हास्य नहीं बल्कि भक्ति की गहराई और प्रेम का प्रतीक है। भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं से संदेश मिलता है। आचार्य अमलेश पांडे जी ने ने बताया कि जब प्रेम सच्चा और भक्तिभाव से परिपूर्ण होता है, तब भगवान स्वयं अपने भक्त की रक्षा हेतु उपस्थित होते हैं इस अवसर पर यजमान राधेश्याम मिश्र जी ने व सभी भक्तो ने बहुत ही हर्षो उल्लास से वह धूमधाम से जन्मोत्सव मनाया गया।।









