सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के साथ सहकारी कर्मचारियों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
निष्पक्ष जन अवलोकन।
रत्नाकर पांडेय।
बाराबंकी। पीसीएफ एवं सहकारी समितियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर समिति सचिवों और कर्मचारियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को हुई संगठन की बैठक में तैयार ज्ञापन को सोमवार को जिला अध्यक्ष सुदामा पांडेय के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को सौंपा।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि जिले की कई समितियों पर एक ही सचिव के पास अतिरिक्त प्रभार होने से कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। धान-गेहूं खरीद, ऋण वितरण, वसूली तथा उर्वरक वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का अत्यधिक दबाव कर्मचारियों पर है। कई समितियों में कर्मचारी और चौकीदार तक नहीं हैं, जबकि सचिव बिना सरकारी वेतन के केवल खाद बिक्री से मिलने वाले कमीशन पर कार्य कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उर्वरक वितरण के लिए उपलब्ध कराई गई पॉश मशीनों में तकनीकी खामियां हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के कारण खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने दर्ज एफआईआर वापस लेने और त्रुटिवश हुई गलतियों में सुधार का अवसर देने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में बड़े किसानों को उर्वरक वितरण की स्पष्ट नीति बनाने, चकबंदी प्रभावित गांवों एवं बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था तय करने, अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने तथा कर्मचारियों की भर्ती और पदोन्नति कराने की मांग की गई। साथ ही वर्ष 2023-24 से लंबित कमीशन, हैंडलिंग और परिवहन भुगतान तत्काल जारी करने की मांग भी की गई।
कर्मचारियों ने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों पर ट्रकों की कमी के कारण एफसीआई को गेहूं प्रेषण प्रभावित हो रहा है, जिससे खरीद कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी उर्वरक वितरण कार्य से विरत होकर सामूहिक त्यागपत्र देने को मजबूर होंगे।
इस अवसर पर दिवाकर पांडेय, जितेंद्र वर्मा, राजेश तिवारी, उदय वर्मा, दीपु वर्मा, शशिकांत द्विवेदी, प्रदीप वर्मा सहित कई पदाधिकारी एवं समिति सचिव मौजूद रहे।









