सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के साथ कर्मचारियों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन अतिरिक्त प्रभार, लंबित भुगतान व एफआईआर वापस लेने की मांग, 15 दिन में समाधान न होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के साथ कर्मचारियों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन  अतिरिक्त प्रभार, लंबित भुगतान व एफआईआर वापस लेने की मांग, 15 दिन में समाधान न होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

निष्पक्ष जन अवलोकन अजय रावत ।। बाराबंकी। पीसीएफ एवं सहकारी समितियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर समिति सचिवों व कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को हुई संगठन की बैठक में तैयार किए गए ज्ञापन को सोमवार को जिला अध्यक्ष सुदामा पांडेय के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि जिले की कई समितियों पर एक ही सचिव के पास अतिरिक्त प्रभार होने से कार्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। धान-गेहूं खरीद, ऋण वितरण, वसूली और उर्वरक वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का अत्यधिक दबाव कर्मचारियों पर है। कई समितियों में कर्मचारी और चौकीदार तक नहीं हैं, जबकि सचिवों को बिना सरकारी वेतन के केवल खाद बिक्री से मिलने वाले कमीशन के सहारे कार्य करना पड़ रहा है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उर्वरक वितरण के लिए दी गई पॉश मशीनों में तकनीकी खामियां हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के कारण खाद वितरण में दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा कई कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और त्रुटिवश हुई गलतियों में सुधार का अवसर देने की मांग की गई। ज्ञापन में बड़े किसानों को उर्वरक वितरण की स्पष्ट नीति बनाने, चकबंदी प्रभावित गांवों एवं बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था तय करने, अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने तथा कर्मचारियों की भर्ती व पदोन्नति कराने की मांग भी उठाई गई। साथ ही वर्ष 2023-24 से लंबित कमीशन, हैंडलिंग और परिवहन भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों पर ट्रकों की उपलब्धता न होने से एफसीआई को गेहूं प्रेषण प्रभावित हो रहा है, जिससे खरीद कार्य बाधित हो रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी उर्वरक वितरण कार्य से विरत होकर सामूहिक त्यागपत्र देने को मजबूर होंगे। दिवाकर पांडेय, जितेंद्र वर्मा, राजेश तिवारी, उदय वर्मा, दीपू वर्मा, शशिकांत द्विवेदी प्रदीप वर्मा,सहित कई पदाधिकारी एवं समिति सचिव मौजूद रहे।