बूंद-बूंद मिल जायेगी तो दरिया हो जायेगा, ऐसा रंग उड़ेगा भारत केसरिया हो जायेगा

निष्पक्ष जन अवलोकन

बूंद-बूंद मिल जायेगी तो दरिया हो जायेगा, ऐसा रंग उड़ेगा भारत केसरिया हो जायेगा
बूंद-बूंद मिल जायेगी तो दरिया हो जायेगा, ऐसा रंग उड़ेगा भारत केसरिया हो जायेगा

बिल्सी। हिंदी साहित्य सेवा समिति उत्तर प्रदेश बिल्सी इकाई के तत्वावधान में शुक्रवार को वृहद मासिक काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह पीठाधीश्वर बलदेव धाम गुधनी ललितेश्वरा नन्द जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया। जिसमें फाग महोत्सव होली के रंग कवियों के संग” थीम पर आधारित सभी कवियों ने अपना काव्य पाठ सुनाया। आयोजक आचार्य ललितेश्वरानंद जी महाराज ने साहित्य सेवा से जुड़े रचनाकारों को सम्मानित भी किया।मुख्य अतिथि रूप कोतवाल मनोज कुमार रहें उन्होंने अतिथियों को सम्मानित किया बाद में महंत जी द्वारा उनको प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ।यहाँ कवि जुगेंद्र सिंह जुगनू ने सुनाया की हमर्थी हुए मानव रथ के की चाहे वहां जा सकते है । गिरिजा टीस के प्रांगण में रथ को प्रवेश कर सकते है ।। युवा कवि देव ठाकुर ने सुनाया। फागुन की मस्ती आई है, होली की खुशबू लाई है।रंगों की इस प्यारी दुनिया में, खुशियों की लहर समाई है । ओजस्वी जौहरी ने सुनाया, अद्भुत छटा निराली है इस बजरंगी के धाम की, निस दिन सेवा होती है यहाँ भगवन सीताराम की। क्या वर्णन मै करुँगा लोगों शब्द नहीं हैं पास मेरे संग मेरे मिल कर बोलो जय बाला जी भगवान की। संस्था के अध्यक्ष एवं कवि विष्णु असावा ने सुनाया- प्रेम प्यार की होली का ये पर्व निराला है। तुम भी उस पर डालो गुलाल जिसने रंग डाला है। कवि धीरज उपाध्याय ने सुनाया कि धर्म और संस्कृत में सदा विज्ञान होना चाहिए आदमी को आदमी का ज्ञान होना चाहिए कवि हर गोविंद पाठक ने सरस्वती वंदना पढ़ी एवं श्रुताओ की जमकर तालियां बटोरी । उन्होंने पढा की भगवान शिव के आराधक है हम कैलाश पर्वत सा यश रखते है हम अन्य कवियो‍ं ने भी अपनी रचनाओं को सुनाया। इस मौके पर ट्री मैन प्रशांत जैन,अतुल वार्ष्णेय,सूरज सागर,विवेक चौहान,सौरभ चौहान ,अमन वार्ष्णेय समेत मृदुल शर्मा,अखिल शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।