विकास पथ सेवा संस्थान द्वारा कृषि आधारित जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

विकास पथ सेवा संस्थान द्वारा कृषि आधारित जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। कर्वी विकास खंड अंतर्गत अकबरपुर सचिवालय में बुधवार को विकास पथ सेवा संस्थान की ओर से कृषि आधारित जलवायु परिवर्तन एवं पृथ्वी रक्षा यात्रा के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व अतर्रा डिग्री कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शंभू सिंह चंदेल ने की। मुख्य वक्ता डॉ. प्रभाकर सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़ा है। यदि समय रहते प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जल संरक्षण, जैविक खेती, फसल विविधीकरण तथा स्थानीय बीजों के संरक्षण को अपनाने पर जोर दिया। अध्यक्षता कर रहे शंभू सिंह चंदेल ने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल सरकार या किसी एक संस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरक्षण, अधिक से अधिक वृक्षारोपण और प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपने गांव को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उदाहरण बनाएं। संस्थान के कार्यकर्ता वंश गोपाल ने वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण, गोआधारित कृषि पद्धति तथा रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग जैसे व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से पृथ्वी संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। बताया गया कि यह जनजागरूकता अभियान पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार चलाया जा रहा है, जिससे सैकड़ों किसान व ग्रामीण परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। कार्यक्रम के अंत में डाबर इंडिया लिमिटेड के सहयोग से ग्रामीणों को फ्रूट जूस व अन्य उपयोगी सामग्री वितरित की गई। इस मौके पर लवलेश सिंह,रामदुलारी, महेश यादव,समीर खान, उमेश सहित बड़ी संख्या में किसान, युवा व ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण व सतत खेती अपनाने का संकल्प लिया