बाराबंकी में ब्राह्मण उत्थान महासभा का 14वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया कवि सम्मेलन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

बाराबंकी में ब्राह्मण उत्थान महासभा का 14वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया कवि सम्मेलन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

निष्पक्ष जन अवलोकन अजय रावत।। बाराबंकी।।ब्राह्मण उत्थान महासभा, उत्तर प्रदेश का 14वां स्थापना दिवस गुरुवार को जिले में भव्य और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। श्रीराम चौराहा स्थित चंद्रभानुगुप्त स्मारक बाल विद्या मंदिर (अहमदपुर पुलिस चौकी के निकट) परिसर में आयोजित इस समारोह में समाज के प्रबुद्धजनों, शिक्षकों, साहित्यकारों और नागरिकों की बड़ी सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के विधिवत पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके बाद स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने। सम्मेलन की अध्यक्षता कवि योगेंद्र मधुप ने की, जिनके साथ मंच पर प्रदेश के चर्चित कवियों ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और राष्ट्रप्रेरक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन संजय अवस्थी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या से पधारे श्री रमाशरण अवस्थी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अंकित दास महाराज और श्री मुनेंद्र शुक्ल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कवि सम्मेलन में योगेंद्र मधुप, प्रमोद पंकज, विनय शुक्ला, रवि रुद्रांश, हेमा पाण्डेय, अंकिता शुक्ला और विशाल मिश्रा ने काव्य पाठ कर खूब तालियां बटोरीं। आयोजन की व्यवस्था और संचालन में जिला अध्यक्ष आशुतोष तिवारी एवं उनकी पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और आपसी समरसता को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर दिलीप तिवारी (अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ), देवेंद्र द्विवेदी, आनंद शुक्ला, महेंद्र विक्रम शुक्ला, सुधाकर दीक्षित, रामेश्वरी त्रिवेदी, आशीष त्रिवेदी, विनय, सतीश शुक्ला, शशांक शुक्ला सहित अनेक सम्मानित जन उपस्थित रहे। इसके अलावा धनजीत तिवारी, सुधाकर प्रसाद द्विवेदी, कुंदन अवस्थी, श्याम किशोर शुक्ला, विष्णु मिश्रा, प्रवीर मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, वैभव मिश्रा, दीपक बाजपेयी, देवदत्त त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।