खेती घाटे का सौदा नही है लेकिन दिल्ली की कलम बेईमान है
निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल
फतेहपुर (बाराबंकी)खेती घाटे का सौदा नही है लेकिन दिल्ली की कलम बेईमान है।संगठन को गांव गांव मजबूत करना पड़ेगा, देश मे आंदोलन करने पड़ेंगे,ये देश आंदोलन से बचेगा,देश की सरकारों की नीयत साफ नही है। उक्त बातें फतेहपुर से सूरतगंज मार्ग स्थित दादनपुर चौराहा पर भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित किसान मजदूर स्वाभिमान बचाओ महापंचायत में बतौर मुख्य अतिथि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहीं।3 बजे कार्यक्रमस्थल पहुंचे टिकैत ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहाकि देश की सरकारों की नीयत साफ नही है।सरकार किसानों की जमीनों को पूंजीपतियों को देना चाहती है।इसका उदाहरण भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील है।आने वाले समय मे अमेरिका अपने कृषि उत्पाद भारत मे बेचेगा जिसका मुकाबला भारत का किसान नही कर पायेगा।उन्होंने जोर देते हुए कहाकि गांव गांव संगठन को मजबूत करना पड़ेगा।अपने हक अधिकारों के लिए धरना प्रदर्शन/घेराव करने पड़ेंगे।पंचायत स्थल पहुंचने से पूर्व सीतापुर से आते समय बाराबंकी सीमा पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।इसके पश्चात फतेहपुर सूरतगंज मार्ग पर जरखा पुल से राकेश टिकैत ने पंचायत स्थल तक करीब 3 किमी ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व किया।पंचायत को मुख्य अतिथि के अलावा राजवीर सिंह जादौन,अनुज सिंह,राजपाल शर्मा,सालिकराम यादव आदि ने संबोधित किया।पंचायत दौरान में कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतीक चिन्ह में राकेश टिकैत को हल और गदा भेंट किया। पंचायत के अंत मे समस्याओं से सम्बंधित एक ज्ञापन एडसीएम कार्तिकेय सिंह को सौंपा गया। इसके साथ ही भाकियू जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद ने पंचायत को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आभार जताया। इस मौके पर राम किशोर पटेल,अनिल बर्मा,अनुपम वर्मा,उत्तम सिंह,सतीश वर्मा रिन्कू,निसार मेहंदी,बलराम यादव,समीर यादव,ओम प्रकाश,शिव नरायन सिंह, बाबादीन,निर्मलकुमार ,रामानंदभगौती प्रसाद शारदा बक्श सिंह,डॉ हरीराम पाल,डॉ राम सजीवन आदि मौजूद थे।