मिश्रौलिया बनकटवा में भ्रष्टाचार का तांडव, खबरों के बाद भी कार्रवाई शून्य मूकदर्शक बने अधिकारी, कागजों में दौड़ रहा विकास

मिश्रौलिया बनकटवा में भ्रष्टाचार का तांडव, खबरों के बाद भी कार्रवाई शून्य मूकदर्शक बने अधिकारी, कागजों में दौड़ रहा विकास

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेडवा विकासखंड अंतर्गत जनपद बलरामपुर की ग्राम पंचायत मिश्रौलिया बनकटवा में भ्रष्टाचार खुलेआम अपने चरम पर है। सरकारी योजनाओं को विकास का माध्यम बनने के बजाय लूट का जरिया बना दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि 16 नवंबर से लगातार 30 नवंबर, 3 फरवरी और 5 फरवरी तक निष्पक्ष जन अवलोकन द्वारा मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। सूत्रों के अनुसार मनरेगा में मजदूर केवल कागजों में काम कर रहे हैं। कार्यस्थल पर जब मीडिया और ग्रामीण पहुंचे तो एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। हाजिरी ऑनलाइन दर्ज, भुगतान पूरा—लेकिन जमीन पर काम नदारद। यही नहीं, पंचायत भवन निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वीडियो अधिकारी मोहित दुबे से की, लेकिन जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला स्तर तक गुहार लगाने और मनरेगा लोकपाल से शिकायत के बावजूद जांच सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई। अधिकारी आए, औपचारिकता निभाई और चले गए—भ्रष्टाचार वहीं का वहीं खड़ा रहा। आज भी ग्राम पंचायत में कागजों पर योजनाएं दौड़ रही हैं और जमीनी हकीकत शून्य है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान महेंद्र कुमार यादव, सचिव संदीप कुमार, टीए धर्मेंद्र पांडे, वीडियो मोहित दुबे और बीडीओ की कथित मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है।