पचपेड़वा में विकास कार्यों पर बड़ा सवाल — नादान प्रधान, होशियार अधिकारी और सक्रिय सचिव पर उठे गंभीर आरोप
निष्पक्ष जन अवलोकन पचपेड़वा बलरामपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनाहवा में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधान के निधन के बाद जिला अधिकारी द्वारा नामित किए गए प्रधान सोनू चौहान के कार्यकाल में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में अनियमितता सामने आ रही है। मीडिया टीम जब कुला खुदाई के नाम पर चल रहे कार्यों की जांच के लिए नूर मोहम्मद के खेत पर पहुंची, तो वहां पर न तो कोई मजदूर मौजूद मिला और न ही कार्य से जुड़ी कोई सामग्री। मौके पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा था, जिससे यह संदेह और गहरा हो गया कि काम सिर्फ कागजों में ही संचालित किया जा रहा है। जब इस संबंध में संवाददाता ने नामित प्रधान सोनू चौहान से दूरभाष पर संपर्क किया, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “हमारे ग्राम पंचायत में इस समय कोई कार्य नहीं चल रहा है। मैं खुद एक गरीब मजदूर हूं और धबौलिया पंचायत में चाय की दुकान चलाता हूं।” प्रधान के इस बयान ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी मोहित दुबे, वीडियो (BDO) और सचिव सौरभ श्रीवास्तव मिलकर प्रधान को नादान और गरीब समझते हुए कागजों में फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रधान के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि उन्हें वास्तविक कार्यों की जानकारी तक नहीं दी जा रही है। गौरतलब है कि 29 मार्च को “निष्पक्ष जन अवलोकन” द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों के कानों तक जूं तक नहीं रेंगी है। संवाददाता द्वारा जब संबंधित अधिकारी मोहित दुबे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो फोन की घंटी बजने के बाद कॉल काट दी गई और कोई जवाब नहीं मिला। इस पूरे प्रकरण ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।









