देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की मांग को लेकर विद्यार्थियों

देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की मांग को लेकर   विद्यार्थियों

निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल फतेहपुर,( बाराबंकी)। देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की मांग को लेकर विद्यार्थियों और नागरिकों ने एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समाख्ता और मानकों को बनाए रखने वाली एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। यह देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को मान्यता, अनुदान, शोध के अवसर तथा छात्रवृत्तियां प्रदान करती है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलता है और देश का शैक्षणिक भविष्य शुद्ध होता है। विद्यार्थियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के प्रस्तावित परिवर्तनों से उच्च शिक्षा में भूमिका कमजोर होने की आशंका है। उन्होंने आग्रह किया कि ऐसी किसी भी व्यवस्था से बया जाए जिससे आयोग की स्वायत्तता और प्रभावशीलता प्रभावित हो। इसके बजाय, शिक्षा की गुणवता और उसकी पहुंच समान रूप से बनी रहे, इसके तिए UGC को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आज भी अनेक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के साथ जातिगत भेदभाव की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ मामलों में स्थिति आत्महत्या जैसे गंभीर कटोंतक पहुंच चुकी है। विद्यार्थियों ने अधिनियम के नए नियमों को शीघ्र लागू कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस उद्देश्य से विद्यार्थियों और नागरिकों द्वारा एक शांतिपूर्ण, अनुशासित और अहिंसक रैली भी आयोजित की गई। राष्ट्रपति से ज्ञापन पर विचार कर उच्च शिक्षा में उचित कदम उठाने का अनुरोध किया। इस दौरान आदर्श पटेल, अनमोल वर्मा, विजय बहादुर वर्मा, दीपक वर्मा, मोहम्मद सद्दाम और इंद्रजीत वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।