भागवत कथा के सातवेंअंतिम दिवस पर श्रीकृष्ण सुदामा का प्रसंग आया, तो पूरा पंडाल में द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया

भागवत कथा के सातवेंअंतिम दिवस पर श्रीकृष्ण सुदामा का प्रसंग आया, तो पूरा पंडाल में द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। भागवत कथा के सातवें(अंतिम) दिवस पर श्री सुदामा चरित्र,लक्ष्मण ,उर्मिला का प्रसंग सुन का हजारों श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ मऊ तहसील के इटवा गांव के डॉ कृष्ण दत्त त्रिपाठी एवं धर्म पत्नी श्रीमती रामेश्वरी देवी(प्र.अ.)के घर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया। हवन पूजन के बाद विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण सुदामा का जीवन कथा का भावपूर्ण वर्णन कथा व्यास डॉ विशुद्धानंद महाराज(प्रयागराज) द्वारा किया गया। कथा स्थल पर जैसे ही श्रीकृष्ण सुदामा का प्रसंग आया, तो पूरा पंडाल में द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। आचार्य डॉ विशुद्धानंद महाराज जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि अधर्म के नाश और धर्म की पुनर्स्थापना का दिव्य संदेश है। उन्होंने कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव की कारागार पीड़ा तथा रोहिणी के गृह में बालकृष्ण के पालन-पोषण की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव को सत्य, प्रेम, करुणा, नीति और भक्ति का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन से अज्ञान और भय का नाश होता है तथा आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बालकृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई। भजन-कीर्तन, शंख-नाद और आरती के साथ जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा परिसर कृष्णमय हो गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चे शामिल थे। दूर-दराज के गांवों से भी भक्त कथा श्रवण हेतु पहुंचे। कथा स्थल को भव्य पंडाल, विद्युत सजावट एवं पुष्पों से सजाया गया था। भागवत कथा के माध्यम से समाज में धार्मिक चेतना जागृत करना तथा सद्भाव का संदेश देना उद्देश्य है। कार्यक्रम के अंत में हवन महाआरती के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया किया गया ।