धर्मग्रंथों के अध्ययन से ही संस्कारित होगा समाज

निष्पक्ष जन अवलोकन

धर्मग्रंथों के अध्ययन से ही संस्कारित होगा समाज

बदायूं/बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव वनबेहटा में शिव मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथावाचक यतेंद्र ठाकुर महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि सच्चा धनवान वही है जो तन, मन और धन से सेवा-भक्ति करे। परमात्मा की प्राप्ति केवल सच्चे प्रेम से संभव है। पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि राक्षसी पूतना ने बालकृष्ण को स्तनपान कराने का प्रयास किया, लेकिन भगवान ने उसका उद्धार कर दिया। यशोदा माता द्वारा पंचगव्य से स्नान कराने की प्रसंग कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने गौसेवा, गायत्री मंत्र जाप और गीता पाठ को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। माटी खाने की लीला का वर्णन करते हुए बताया कि जब यशोदा ने श्रीकृष्ण के मुख में संपूर्ण सृष्टि के दर्शन किए तो वह चकित रह गईं। गिरिराज पूजा प्रसंग में कहा कि इंद्र का मान मर्दन कर भगवान ने अहंकार त्यागने की सीख दी। महाराज ने युवाओं से धर्मग्रंथों गीता, भागवत और रामायण का अध्ययन कर स्वयं और आने वाली पीढ़ी को संस्कारित बनाने का आह्वान किया। कथा में राधे-कृष्ण भजनों पर भक्त झूम उठे। इस अवसर पर रनवीर सिंह चौहान, यादराम शाक्य, विजय कश्यप, अर्जुन पंडित, संदीप सिंह व अजयपाल सोलंकी मौजूद रहे।