जामधर ग्राम पंचायत में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र में भारी अनियमितताओं का आरोप, घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार के चलते बच्चों व महिलाओं के भविष्य से खिलवाड़, जिम्मेदार अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश
निष्पक्ष जन अवलोकन। बदरू जमा चौधरी। विकासखंड गैसड़ी (बलरामपुर)के ग्राम पंचायत जामधर में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लगभग 11,84,000 रुपये की लागत से मनरेगा योजना के तहत हो रहे इस निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। यह केंद्र क्षेत्र के छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण व देखभाल के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार भवन निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। निर्माण में पीली ईंट (एट) लगाई जा रही है और मौरंग का कहीं नामोनिशान नहीं है, जो गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरता। इसके अलावा पास के क्षेत्र से अवैध रूप से लाई गई बलही मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि इस पूरे कार्य में सहायक तकनीकी सचिव परमानंद, सचिव नीरज सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिल रहा है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, क्योंकि सरकार की यह महत्वपूर्ण योजना बच्चों और महिलाओं के भविष्य से जुड़ी है। लेकिन जिस तरह से अनियमितताएं हो रही हैं, उससे यह भवन बनने से पहले ही जर्जर साबित हो सकता है। जब संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो फोन की घंटी बजती रही लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इससे ग्रामीणों में संदेह और गहरा गया है कि बड़े स्तर पर मिलीभगत कर काम कराया जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती









