अंत्योदय कार्ड धारकों के हक पर डाका, कोटेदारों की मनमानी से कट रही चीनी और राशन
निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा विकासखंड। ( बलरामपुर) के कई ग्राम पंचायतों में कोटेदारों की मनमानी और राशन कटौती का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैरहवा ग्राम पंचायत में कोटेदार गुड्डू पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वह अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाली 3 महीने में 3 किलो चीनी की जगह मात्र 1 किलो दे रहा है, जबकि कई लाभार्थियों को चीनी दी ही नहीं जाती। वहीं जो चीनी दी जाती है, उसे भी निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अंत्योदय कार्ड धारकों को हर महीने 35 किलो राशन (चावल-गेहूं) मिलना चाहिए, लेकिन उसमें भी कटौती की जा रही है। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों के साथ भी यही स्थिति है। आरोप है कि पहले अंगूठा लगवाकर राशन की एंट्री पूरी कर ली जाती है, फिर कई दिनों बाद कम मात्रा में राशन दिया जाता है। जब इस मामले की जानकारी संवाददाता को मिली तो गुड्डू कोटेदार से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। फोन की घंटी बजती रही और कॉल कट गई, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। इसी तरह पिपरा जमुनी ग्राम पंचायत में कोटेदार रामगुलाम पर भी घटतौली के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाली चीनी और राशन में लगातार कटौती की जा रही है। आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते हर महीने अंगूठा लगवाकर राशन वितरण की औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जबकि वास्तविक वितरण मनमाने ढंग से किया जाता है। वहीं सदधुवा नगर में कोटेदार श्याम बहादुर चौरसिया पर भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं। यहां भी अंत्योदय कार्ड धारकों को 3 किलो की जगह 1 किलो चीनी दी जा रही है और राशन पूरा नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अंगूठा लगवाने के बाद हफ्तों तक राशन नहीं मिलता और बाद में दूसरे स्थान पर मनमानी तरीके से वितरण किया जाता है। इस पूरे मामले में सप्लाई इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे भी बात नहीं हो सकी। लगातार सामने आ रही इन शिकायतों ने सरकारी राशन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो गरीब और जरूरतमंद लोगों का हक इसी तरह कटता रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।









