श्रीसमर्थ साहेब जगजीवन दास बड़े बाबा के 356 वें जन्मोत्सव पर विशेष

श्रीसमर्थ साहेब जगजीवन दास बड़े बाबा के 356 वें जन्मोत्सव पर विशेष

निष्पक्ष जन अवलोकन अजय रावत ।। अल्ला अलख एकै अहै , दूजा नहीं कोय - जगजीवन साहब सिरौली गौसपुर बाराबंकी अल्ला अलख एक अहै, दूजा नहीं कोय। जगजीवन जो दूजा कहै दोजख परखिए सोय।। का उपदेश देने वाले कोटवा धाम के समर्थ साईं जगजीवन साहब का संपूर्ण जीवन दर्शन आज मानव के मध्य में प्रसांगिक बना हुआ है । समर्थ साईं जगजीवन साहब का विक्रमी संवत 1727 ईस्वी शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को ग्राम सरदहा की पवित्र माटी में ठाकुर गंगाराम के यहां हुआ था इनकी मां का नाम केवला देवी था जो चंदेल वशी क्षत्रिय कहलाते थे 18 वर्ष की अवस्था में आपका विवाह मोतिन देवी के साथ हुआ जिनसे चार पुत्र व एक पुत्री की प्राप्ति हुई जिसमें उनके पुत्र उनके जीवन काल में ही स्वर्गवासी हो गए जलाली दास उनके पुत्रों में उच्च कोर्ट के संत हुए हैं । आपने गोंडा जिले के गुडसरी नामक गांव में विश्वेसपुरी से दीक्षा लिया तत्पश्चात 4 पावा 14 गद्दी 33 महंत 36 सुमिरनी सहित आपने सतनामी संप्रदाय की नीव डाली जिसमें सभी धर्म के लोगों को स्थान मिला 90 वर्ष की अवस्था में आप ब्रह्मलीन हो गए आपने जीवन पर्यंत सांप्रदायिक सद्भावना का संदेश दिया आपके बताए गए रास्ते पर चलकर मानव परम पद को प्राप्त कर सकता है। बॉक्स अभरण सरोवर पर 21 हजार जलाए गए दीपक समर्थ साईं जगजीवन साहब के जन्मोत्सव समारोह की पूर्व संध्या पर यहां के अभहरण सरोवर पर दीप उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 21000 दीपक जलाए गए। कार्यक्रम का आयोजन दुर्गेश दीक्षित महन्त शैलेन्द्र बक्श दास खुटपुट बाबा अमरेन्द्र सिंह बब्लू सदस्य विधान परिषद अंगद सिंह महन्त कमलेश दास,प्रेम नरायन वर्मा, सुरेश शर्मा चकबंदी अधिकारी मनोज कुमार प्रभारी निरीक्षक कोतवाली टिकैत नगर संदीप सिंह नेता भाजपा,सेवा निवृत्त जज समेत बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र अभरन सरोवर के चतुर्दिक 21 हजार दीप प्रज्वलित किया। जन्मोत्सव समारोह 25 जनवरी को समर्थ साईं जगजीवन साहब के जन्मोत्सव समारोह में गोंडा बहराइच लखीमपुर खीरी सीतापुर सहारनपुर मुजफ्फरनगर छपरा बिहार नेपाल देश जैसे विभिन्न जनपदों व प्रान्तों से लाखों की श्रद्धा में संख्या में श्रद्धालु स्वामी जी की चौखट पर माथा टेककर अपने जीवन को सार्थक करेंगे।