राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जनकल्याण शिक्षण प्रसार समिति बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस का सहयोगी संगठन है इसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन देश में बाल विवाह खात्मे के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस के फाउंडेशन दिवस के पूर्व दिवस पर तथा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामनगर के सभागार में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. देवेन्द्र मणि त्रिपाठी, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामनगर ने की। कार्यक्रम में ज्योतिबा राव फुले विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेम दास अहिरवार, मानव तस्करी विरोध इकाई के प्रभारी त्रिभुवन सिंह, विकास पथ सेवा संस्थान से डॉ. प्रभाकर सिंह तथा जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति से आदित्य मिश्रा, कमला शंकर शुक्ला एवं पुष्पेंद्र सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 100 छात्राओं, आशा वर्कर्स एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 100 दिवसीय अभियान के उद्देश्यों, रणनीतियों एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. देवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा, बाल विवाह न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि उनके भविष्य और आत्मनिर्भरता में भी बाधा बनता है। समाज, परिवार और स्वास्थ्य तंत्र को मिलकर इसके उन्मूलन के लिए जिम्मेदारी निभानी होगी। कार्यक्रम के दौरान जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति के कार्यक्रम समन्वयक आदित्य मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार तक यह संदेश पहुँचाना है कि बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।यदि समाज बालिकाओं को समय पर शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण प्रदान करे, तो वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति के कार्यकर्ता कमला शंकर शुक्ला ने बताया कि संस्था इस अभियान के माध्यम से लगातार विद्यालयों, समुदायों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के साथ मिलकर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्य करती रहेगी। विकास पथ सेवा संस्थान के अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रभाकर सिंह ने कहा बाल विवाह रोकना केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का प्रश्न है। जब तक समुदाय स्वयं आगे आकर बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए खड़ा नहीं होगा, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। वहीं प्रधानाचार्य प्रेम दास अहिरवार ने अपने वक्तव्य में कहा शिक्षा ही बाल विवाह के विरुद्ध सबसे सशक्त हथियार है। यदि प्रत्येक बालिका विद्यालय से जुड़ी रहे, तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा स्वतः समाप्त हो सकती है। कार्यक्रम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी त्रिभुवन सिंह द्वारा बालिका सुरक्षा एवं सशक्तिकरण, समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा बाल विवाह उन्मूलन में समुदाय की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी प्रकार की सहायता के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 व चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर सूचना देने के लिए कहा। अंत में जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति के आदित्य मिश्रा ने आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बाल विवाह की पहचान, समय पर सूचना देने एवं समुदाय को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ, ताकि कोई भी बालिका बाल विवाह की शिकार न हो। सभी प्रतिभागी छात्राओं, आशा वर्कर्स एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को बाल विवाह रोकथाम से संबंधित सूचना सामग्री वितरित की गई तथा अभियान को सफल बनाने हेतु सहयोग का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितों को बाल विवाह के खात्मे के लिए सामूहिक शपथ दिलाकर किया गया।