शिव महाशिवरात्रि की भक्तों की भीड़ लगी रही मंदिरों में
निष्पक जन अवलोकन। मनोज अग्रहरी। मीरजापुर। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। लोग शिव मंदिरों में जाकर भगवान शिव को दूध, बेलपत्र, धतूरा, और फल चढ़ाते हैं। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग उपवास भी रखते हैं। महाशिवरात्रि का पर्व हमें भगवान शिव के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है। भगवान शिव ने हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने की शिक्षा दी है। उन्होंने हमें बताया है कि जीवन में सुख-दुख दोनों आते हैं, लेकिन हमें हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए। महाशिवरात्रि के पर्व पर हमें भगवान शिव से प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने की शक्ति दें। हमें अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए भगवान शिव के आदर्शों का पालन करना चाहिए। *महाशिवरात्रि की पूजा विधि - महाशिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करें। - भगवान शिव की पूजा के लिए एक शिवलिंग लें। - शिवलिंग को दूध, बेलपत्र, धतूरा, और फल चढ़ाएं। - भगवान शिव की आरती करें। - भगवान शिव से प्रार्थना करें कि वे आपको जीवन के सही मार्ग पर चलने की शक्ति दें। *महाशिवरात्रि के महत्व* - महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की जयंती के रूप में मनाया जाता है। - इस दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। - महाशिवरात्रि का पर्व हमें भगवान शिव के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है। - भगवान शिव ने हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने की शिक्षा दी है। *महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं* महाशिवरात्रि के पर्व पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान शिव आपको जीवन के सही मार्ग पर चलने की शक्ति दें और आपके जीवन को सार्थक