महिला आयोग की सदस्या सख्त-शिकायतकर्ता दोबारा आया तो अफसरों पर होगी गाज

महिला जनसुनवाई: शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर बरती जाएगी सख्ती, सदस्या ने अधिकारियों को चेताया

महिला आयोग की सदस्या सख्त-शिकायतकर्ता दोबारा आया तो अफसरों पर होगी गाज

निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या श्रीमती अर्चना पटेल ने बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि पिछली सुनवाई का शिकायतकर्ता दोबारा अपनी समस्या लेकर आ रहा है, तो इसका मतलब है कि अधिकारी केवल खानापूरी कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि महिलाओं को न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, उनका निस्तारण त्वरित और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। अगली सुनवाई तक का दिया अल्टीमेटम समीक्षा बैठक में सदस्या ने जनपद के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि बुधवार को प्राप्त सभी 18 शिकायतों का निस्तारण अगली जनसुनवाई तक हर हाल में हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "सरकार की मंशा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें त्वरित न्याय दिलाना है। लंबित प्रकरणों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।"

 पुलिस और राशन की शिकायतों का रहा बोलबाला,,,,,, जनसुनवाई के दौरान कुल 18 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं की संख्या सबसे अधिक रही,,,,,,, 08 मामले: पुलिस उत्पीड़न व कार्रवाई से संबंधित। 05 मामले: राशन कार्ड की विसंगतियों को लेकर। 05 मामले: आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, पेंशन और तहसील स्तर के रहे।

ये रहे मौजूद,,,, बैठक में एसडीएम भूपेन्द्र सिंह, सीएमओ डॉ. इम्तियाज अहमद, जिला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह सहित अन्य विभागों के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे।