मथुरा सूचना विभाग में महाघोटाला: मास्टरमाइंड नारायण सिंह फरार, 6 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ • DIO के फर्जी हस्ताक्षर से जारी प्रमाणपत्र, सरकारी धन की खुली लूट • राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के नाम पर प्रचार-प्रसार में बड़ा खेल

मथुरा सूचना विभाग में महाघोटाला: मास्टरमाइंड नारायण सिंह फरार, 6 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ • DIO के फर्जी हस्ताक्षर से जारी प्रमाणपत्र, सरकारी धन की खुली लूट • राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के नाम पर प्रचार-प्रसार में बड़ा खेल

निष्पक्ष जन अवलोकन

राहुल शर्मा 

मथुरा सूचना विभाग फर्जीबाड़ा: मास्टरमाइंड कंप्यूटर ऑपरेटर नारायण सिंह फरार • 6 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल • DIO के फर्जी हस्ताक्षर से जारी हुए सत्यापन प्रमाणपत्र • राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मथुरा के बड़े कार्यक्रमों के प्रचार से जुड़ा मामला मथुरा। मथुरा सूचना विभाग में सामने आए बड़े फर्जीबाड़े ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले का मास्टरमाइंड बताए जा रहे कंप्यूटर ऑपरेटर नारायण सिंह घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी फरार है। गिरफ्तारी न होने को लेकर अब पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आरोप है कि जिला सूचना अधिकारी (DIO) के फर्जी हस्ताक्षर कर सत्यापन प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन प्रमाणपत्रों के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग का खेल लंबे समय से चल रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत मथुरा में आयोजित प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार से जुड़ा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर विज्ञापन और प्रचार सामग्री का भुगतान कराया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। वहीं, मुख्य आरोपी के फरार होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आमजन और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इतने संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तारी न होना संदेह पैदा करता है। फिलहाल पुलिस जांच जारी होने की बात कह रही है, लेकिन यह देखना अहम होगा कि नारायण सिंह की गिरफ्तारी कब होती है और इस फर्जीबाड़े में और किन-किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है।