बेरा' (BERA) मशीन कहां मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने किया उद्घाटन ब्रेन के इलेक्ट्रो- फिजियोलॉजिकल फंक्शन की इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा गैर जनपद

बेरा' (BERA) मशीन कहां मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने किया उद्घाटन  ब्रेन के इलेक्ट्रो- फिजियोलॉजिकल फंक्शन की इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा गैर जनपद

निष्पक जन अवलोकन। मनोज अग्रहरी। मीरजापुर। मीरजापुर | राजकीय मेडिकल कॉलेज के नाम आज एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। अब जिले के उन मासूम बच्चों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में नहीं भटकना होगा, जो बोल या सुन नहीं सकते। मेडिकल कॉलेज में बहुप्रतीक्षित 'बेरा' (BERA) मशीन की सुविधा आज से विधिवत शुरू हो गई है। इस तकनीक को 'ब्रेन स्टेम इवोक रिस्पांस ऑडियोमेट्री' कहा जाता है। यह मशीन सीधे तौर पर ब्रेन के इलेक्ट्रो-फिजियोलॉजिकल फंक्शन को रिकॉर्ड करती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह उन 6 महीने के बच्चों की सुनने की क्षमता का भी सटीक पता लगा लेती है, जो अपनी समस्या बोलकर नहीं बता सकते। अक्सर ऑटिज्म या मानसिक कमजोरी वाले बच्चों में बहरापन एक प्रमुख लक्षण होता है; ऐसे में समय रहते इस मशीन से जांच होने पर डॉक्टर जड़ से बीमारी का इलाज कर सकेंगे। अभी तक इस टेस्ट के लिए जिले के लोगों को बीएचयू वाराणसी जाना पड़ता था, जहाँ महीनों की वेटिंग और लंबी लाइनें आम थीं। निजी सेंटरों पर 3 से 5 हजार रुपये में होने वाला यह महंगा टेस्ट अब मेडिकल कॉलेज में बेहद सुलभ और किफायती होगा। साथ ही, बहरेपन का सरकारी सर्टिफिकेट बनाने के लिए भी अब इसी मशीन की रिपोर्ट को अंतिम आधार माना जाएगा। निश्चित रूप से, विंध्याचल मंडल के हजारों परिवारों के लिए यह सुविधा एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है।