नए आयकर अधिनियम-2025 को लेकर गाजीपुर में जागरूकता अभियान
निष्पक्ष जन अवलोकन
प्रमोद सिन्हा
गाजीपुर। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) नई दिल्ली के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को वाराणसी में गैर लाभकारी संस्थाओं (NPO) के लिए नए आयकर अधिनियम-2025 को लेकर विशेष जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एवं गैर लाभकारी संस्थाओं को नए कर प्रावधानों, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया तथा अनुपालन संबंधी नियमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना रहा। आयकर विभाग वाराणसी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट, बार एसोसिएशन के सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी तथा कर विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नए आयकर कानून से संबंधित तकनीकी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता के रूप में आयकर अधिकारी (छूट) सागर कुमार श्रीवास्तव ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से नए आयकर अधिनियम-2025 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में गैर लाभकारी संस्थाओं के पंजीकरण, कर छूट, रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा तथा वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थाओं को समय-समय पर आयकर विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। साथ ही डिजिटल माध्यम से रिपोर्टिंग एवं दस्तावेजीकरण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को एआई आधारित “चार्ट बॉक्स” प्रणाली की जानकारी भी दी गई, जिससे कर संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नए कानून का उद्देश्य गैर लाभकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह एवं व्यवस्थित बनाना है, ताकि कर छूट का लाभ वास्तविक और पात्र संस्थाओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके। कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन की ओर से आनंद सिंह तथा बार एसोसिएशन की ओर से बृजेश और बसंत सेठ सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि नए अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थाओं और कर विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। सभा में आयकर निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय, अभिषेक सिंह यादव, शशिधर पाण्डेय, प्रेम तथा सतीश कुमार समेत बार एसोसिएशन और चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन के कई पदाधिकारी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों द्वारा नए आयकर कानून से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से समाधान किया। आयकर विभाग ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक संस्थाओं तक नए कर नियमों की जानकारी पहुंचाई जा सके।









