ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा घोटाला

पंचायत भवन का निर्माण पुराने ईंटों से तेजी में पूरा कराया जा चुका है, जबकि कागजों में नए सामग्री दिखाकर की जा रही धन निकासी

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा (बलरामपुर) विकासखंड के ग्राम पंचायत मिश्रौलिया में मनरेगा कार्यों को लेकर बड़ा घोटाले जैसा मामला सामने आया है। यहां पंचायत भवन निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और फर्जी हाजिरी के जरिए भुगतान निकालने का खेल उजागर हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन का निर्माण पुराने और जर्जर ईंटों से कराया गया है, जिससे भवन की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मनरेगा के तहत कागजों में मजदूरों की भारी संख्या दिखाकर फर्जी हाजिरी लगाई जा चुकी है जबकि वास्तविकता में कार्यस्थल पर न तो उतने मजदूर मौजूद रहते हैं और न ही कार्य सही तरीके से कराया जा रहा है। इस तरह सरकारी धन का दुरुपयोग कर भुगतान निकाला जा रहा है। पंचायत भवन का निर्माण कार्य भी मानकों के विपरीत बताया जा रहा है, जहां पुराने ईंटों का उपयोग कर कार्य को जल्दबाजी में पूरा दिखा दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर “निष्पक्ष जन अवलोकन” ने 18 मार्च को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया गया था। बावजूद इसके, संबंधित अधिकारियों के कानों तक अब तक यह मामला नहीं पहुंच पाया है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। इससे प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो दोषी लोग ऐसे ही सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करते रहेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके और सरकारी योजनाओं का सही लाभ आम जनता तक पहुंच सके।