गैसड़ी में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में धांधली का आरोप, घटिया सामग्री से बन रहा बच्चों का भविष्य
निष्पक्ष जन अवलोकन। बदरूजमा चौधरी।
गैसड़ी क्षेत्र(बलरामपुर )अंतर्गत ग्राम पंचायत जामधर में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य में मानकों की खुलकर अनदेखी की जा रही है, जिससे नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। बताया जा रहा है कि निर्माण में पिली ईंट का प्रयोग किया जा रहा है, जो गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरती। वहीं बगल के नाले से अवैध तरीके से बलुई मिट्टी निकालकर निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य में मौरंग का उपयोग अनिवार्य होता है। इसके बावजूद मौरंग का नामोनिशान तक देखने को नहीं मिल रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र के पिलरों में मात्र दो सूत की सरिया डाली जा रही है, जो भवन को बेहद कमजोर बनाती है। इस तरह की लापरवाही से भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जानकारी के अनुसार इस निर्माण कार्य की लागत लगभग 11 लाख 84 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में जब संवाददाता ने दूरभाष के माध्यम से जिम्मेदार व्यक्ति परमानंद जेई से संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि “अगर आपको गलत लग रहा है तो आप अपनी जेब से पैसा लगाइए।” इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि खबर छपने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका यह बयान जिम्मेदारों की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। वहीं खंड विकास अधिकारी से जब इस मामले में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और सचिव नीरज परमानंद जेई की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और निर्माण कार्य में खुला घोटाला किया जा रहा है। यदि समय रहते जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान बनने के बजाय खतरे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंच सके









