श्री हरि भागवत कथा में पंचम दिवस का आयोजन एवं कथा व्यास डॉ श्याम सुंदर पाराशर जी महाराज द्वारा किया गया

श्री हरि भागवत कथा में पंचम दिवस का आयोजन  एवं कथा व्यास डॉ श्याम सुंदर पाराशर जी महाराज द्वारा किया गया

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।भागवत कथा में पंचम दिवस पर कथा व्यास डॉ श्याम सुंदर पाराशर जी महाराज ने कहा इस पृथ्वी पर जब भी अन्याय अत्याचार बढ़ता है तब पृथ्वी मान गए बनाकर भगवान के पास जाकर करुण पुकार करती हुई अत्याचारियों के भर की व्यथा का वर्णन करती है भगवान गौ माता की पुकार सुनकर अभिलंब अवतार ग्रहण करते हैं आज उन गोपाल की गए अनाथ की तरह घूम रही है हम उनकी तब तक देख-रेख करते हैं जब तक वह दूध देती है जैसे ही उन्होंने दूध देना बंद कर दिया कि हम उन गायों को खुला छोड़ देते हैं हमारे जन्म देने वाली मां हमें केवल 2 साल तक दूध पिलाती है गए हमें जीवन भर दूध पिला कर हमारा पोषण करती है और हम उसे नाथों की तरह त्याग देते हैं सनातन धर्म को धारण करने वाले साथ स्तंभ है जिनमें सबसे पहले नाम गौ माता का आता है इसलिए सनातन धर्म का प्रत्येक कर्म गए से ही प्रारंभ होता है पहले धन की तुलना गोवर्धन से होती थी विवाह में लग्न भी गोधूलि बेला होती है एक संत एक स्थान पर कब तक रहना चाहिए जब तक एक गाय दो ली जाए इसलिए गौ माता की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है आगे कथा में भगवान की बाल लीला का वर्णन करते हुए कहा भगवान ने कृष्ण लीला में सभी गोपी ग्वालो का मनोरथ पूर्ण किया अपनीबाल लीलाओं से क्यों की ब्रिज के जितने भी गोपी ग्वाल है सभी बड़े-बड़े तपस्वी संत ही ठाकुर की ब्रिज लीला का आनंद लेने ब्रिज में गोपी ग्वाल बनकर आए हैं जब भक्त भगवान को प्राप्त करने के लिए पाठक परिश्रम करता है और उसे पर भगवान कृपा करते हैं तभी वह भगवान को प्राप्त कर सकता है जीव परिश्रम और भगवत कृपा का योग जब बनता है तभी परमात्मा साकार रूप में आकर हम पर कृपा बरसाते हैं भगवान ने ब्रिज लीला करते हुए हमें संदेश दिया है कि दूध का जल का और फल का ज्यादा संग्रह नहीं करना चाहिए कृष्ण लीला में तीनों का संग्रह को मुक्त कराया गोपियों के माखन दूध चुराकर उनका कल्याण किया फल का संग्रह करने वाले धेनु का सर की बात कर फल मुक्त कर कर बृजवासियों को खिलाएं काली नाग का मर्दन करके जल को भी शुद्ध किया पर आज भी कई कई नाग हमारी यमुना मैया के जल को प्रदूषित कर रहे हैं हमें जागृत होकर अपनी प्राण प्राण दयानी गंगा जमुना को दूषित होने से बचने का प्रयास करना होगा भगवान ने ब्रिज लीला में सभी का अभिमान तोड़ा ब्रह्मा जी को सृष्टि करता पानी का अभिमान हुआ तो भगवान की परीक्षा लेने के लिए भगवान के बृजवासी गायों को चुराकर अपने लोक में ले गए पर भगवान ने अपनी लीला से स्वयं बृजवासी और गए बनाकर एक साल तक लीला करी तो ब्रह्मा जी का अभिमान टूटा इंद्र को अभिमान हुआ तो मूसलाधार पानी बरसाकर भगवान को बृजवासियों सहित बहन चाहा तो भगवान ने गोवर्धन धारण कर सात दिन सात रात तक अपने बृजवासियों की रक्षा करी और गिरधारी बनकर बन गए कथा में विश्राम में छप्पन भोग ठाकुर जी को लगा। श्रीमंत राघव दास जी महाराज मचखेड़ा आश्रम श्री महंत हनुमान मंदिर लोडवारा पंजाबी भगवान से हरि नारायण दास सुदामा दास जी महाराज मुख्य यजमान अरुणा मिश्रा, महेन्द्र मिश्र छाया, नलज मिश्र, आनंद मिश्र ( डीसीपी, दिल्ली), आलोक दुबे (एडिशनल एस पी , मेरठ) , दीपा, अभिषेक मिश्र , नेहा , मधुरेश जी जगदीश प्रसाद गौतम वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र त्रिपाठी रवि गुप्ता छोटा इत्यादि