पचपेड़वा में विकास कार्यों पर बड़ा सवाल

पचपेड़वा में विकास कार्यों पर बड़ा सवाल

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा विकासखंड (बलरामपुर)अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनाहवा से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों के हक और सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुला खुदाई के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई की जा रही है। मौके पर काम दिखाने के लिए फोटो खींचकर फाइलों में लगाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया टीम जब सोनाहवा ग्राम पंचायत में नूर मोहम्मद के खेत स्थित कार्यस्थल पर पहुंची, तो वहां न तो कोई मजदूर मौजूद मिला, न ही काम से जुड़ी कोई सामग्री जैसे टोकरी या कुदाल दिखाई दी। पूरी तरह से कार्य स्थल सुनसान पाया गया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि कार्य केवल कागजों तक सीमित है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत में पूर्व प्रधान के निधन के बाद जिलाधिकारी द्वारा सोनू चौहान को कार्यभार संभालने के लिए नामित किया गया था। जब संवाददाता ने दूरभाष पर सोनू चौहान से संपर्क किया और कार्य की जानकारी मांगी, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह एक गरीब व्यक्ति हैं और दबौलिया पंचायत में चाय की दुकान चलाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायत में कोई कार्य नहीं चल रहा है। इसके बाद जब संबंधित अधिकारी मोहित दुबे (वीडियो) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो फोन की घंटी बजती रही लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस पूरे प्रकरण से यह संदेह गहराता जा रहा है कि ग्राम पंचायत में सचिव सौरभ और वीडियो मोहित दुबे की मिलीभगत से कागजों में फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सीधे-सीधे गरीबों के हक पर डाका है। जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक जनता और मीडिया की नजर इस पूरे मामले पर बनी रहेगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और दोषियों के खिलाफ कब तक कदम उठाए जाते हैं।