सीएम कार्यक्रम के बीच सदर तहसील में जनसुनवाई जारी, 208 में से 25 मामलों का मौके पर निस्तारण
गोरखपुर सदर तहसील में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बीच तहसील दिवस आयोजित हुआ। महिला नायब तहसीलदारों ने 208 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और 25 मामलों का मौके पर निस्तारण किया।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। शहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों के चलते अधिकांश प्रशासनिक अधिकारी वीवीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रहे, लेकिन इसके बावजूद सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस की जनसुनवाई प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रही। तहसील सभागार में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों ने त्वरित निस्तारण की कार्रवाई की।
इस दौरान महिला नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान और नीरू सिंह ने पूरी जिम्मेदारी संभालते हुए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुल 208 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 25 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए शीघ्र जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
तहसील दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, अतिक्रमण, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि और अन्य राजस्व संबंधी मामलों से जुड़ी रहीं। फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर तहसील पहुंचे, जहां अधिकारियों ने एक-एक मामले को गंभीरता से सुना।
इसी क्रम में ग्राम रायपुर निवासी सुनीता देवी पत्नी मोहन प्रसाद द्वारा भी एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी खरीदी गई जमीन, जिसका आराजी संख्या-318 है, पर विपक्षी द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शिकायत के अनुसार जमीन पर जबरन दीवार खड़ी कर गेट लगा दिया गया है और विरोध करने पर अभद्रता की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने फरियादी को आश्वस्त किया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की अवैध कब्जेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तहसील प्रशासन की सक्रियता और मौके पर किए गए त्वरित निस्तारण से फरियादियों में संतोष देखने को मिला। कई लोगों ने अधिकारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि व्यस्तता के बावजूद जनसुनवाई को गंभीरता से लिया गया और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए गए।
तहसील दिवस के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।









