राही में हरियाली का कत्लेआम: 7 गूलर के पेड़ दिनदहाड़े ढेर, वनकर्मियों की मिलीभगत से फल-फूल रहा लकड़ी माफिया

राही में हरियाली का कत्लेआम: 7 गूलर के पेड़ दिनदहाड़े ढेर, वनकर्मियों की मिलीभगत से फल-फूल रहा लकड़ी माफिया

निष्पक्ष जन अवलोकन।

धीरेन्द्र कुमार।

रायबरेली। जिले के राही ब्लॉक में जंगल और हरियाली पर अवैध कटान का सिलसिला लगातार जारी है। सिद्धा का पुरवा स्थित एक मुर्गी फार्म के पास ठेकेदार द्वारा दिनदहाड़े 7 हरे गूलर के पेड़ों को काट दिया गया। आरोप है कि यह कटान स्थानीय पुलिस और वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड व वॉचर की मिलीभगत से की गई।

सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी पेड़ काटे जा चुके थे। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार राही ब्लॉक के रूपामऊ, बनी बकवारा, सकरा, कलंदरपुर, भूएमऊ, जगदीशपुर, बंदरामऊ, लोधवारी और रामगंज समेत कई गांवों में लंबे समय से अवैध कटान जारी है। बीते वर्षों में हजारों हरे पेड़ काटे जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता ही निभाई गई।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक हैं। आरोप है कि कुछ कर्मचारी अवैध कटान के बदले मोटी रकम लेकर इस कार्य को बढ़ावा दे रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार फर्जी परमिट और ट्रांजिट पास के जरिए अवैध लकड़ी को वैध दिखा रहे हैं। उच्च अधिकारी सख्ती के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन निचले स्तर पर मिलीभगत के कारण कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है।

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।