जयरामपुर का ज़मीन विवाद बना हाई प्रोफाइल
निष्पक्ष जन अवलोकन।
अनिल तिवारी।
भदोही। औराई क्षेत्र के जयरामपुर में वृहस्पतिवार को औराई सीओ राजीव सिंह के मौजूदगी में गाटा संख्या 77 की ज़मीन की लोक निर्माण विभाग के जेई के नेतृत्व में नाप की गई और ज़मीन की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी भी ली गई। इस मौके पर विवादित ज़मीन के दोनों पक्षकार मौजूद रहे। मालूम हो कि गोपीगंज निवासी सौरभ सिंह ने जयरामपुर में स्थित गाटा संख्या 77 की ज़मीन को प्लाटिंग के लिए लिया और उस ज़मीन में मिट्टी पाटने, इंटरलाकिंग नाली इत्यादि करने में 1 करोड़ 35 लाख खर्च किया और विपक्षी के खाते में 69 लाख भेज दिया लेकिन इसी बीच सौरभ को पता चला कि उक्त ज़मीन विवादित है और उसका कोर्ट में मामला लंबित है तो सौरभ सिंह ने ज़मीन को लेने से मना करते हुए विपक्षी से नकद दिये रुपये और ज़मीन में मिट्टी कार्य, सड़क और नाली कार्य में खर्च किये पैसे की मांग की लेकिन विपक्षी पैसा देने से इनकार करते हुए नित नया बहाना बनाते रहे। सौरभ सिंह ने अपने पैसे की मांग के लिए भदोही के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी पत्रक दिये और कहीं कोई सुनवाई न होने पर बीते 4 जनवरी को जयरामपुर में उसी ज़मीन पर अनशन शुरू किया और मामले की जानकारी होते ही औराई एसडीएम डॉ श्याम मणि त्रिपाठी और सीओ राजीव सिंह ने समझा बुझाकार अनशन समाप्त कराया और न्याय दिलाने का अस्वाशन दिया। पुलिस और प्रशासन के मध्यस्थता से दोनों पक्ष तैयार हुए कि जो भी आकलन होगा उस पर बात चीत होगी। इसी क्रम में वृहस्पतिवार को औराई सीओ राजीव सिंह की मौजूदगी में ज़मीन की नाप कराई गई लेकिन ज़मीन में कितनी मिट्टी डाली गई है यह स्पष्ट नहीं हो सका, जबकि जिन लोगो ने उस ज़मीन पर मिट्टी गिराया है उन लोगो ने भी बताया कि जगह को पाटने के लिए 2600 से अधिक डम्फर मिट्टी लगी है। लेकिन विपक्षी लोग इसे मानने को तैयार नहीं हुए। जिसकी वजह से वृहस्पतिवार को भी इस मामले में कोई हल नहीं निकल सका। सौरभ सिंह का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के लोग उनको न्याय दिलाये नहीं तो वह अपनी मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के यहां पदयात्रा करते हुए न्याय की गुहार लगाएंगे।