किसान दिवस में फूटा गुस्सा फसल बीमा पॉलिसी न मिलने और अवैध कब्जों पर सीडीओ सख्त
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान की अध्यक्षता में 'किसान दिवस' का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों ने खरीफ 2025 की बीमा पॉलिसी न मिलने और मंडी में व्यापारियों द्वारा चबूतरों पर अवैध कब्जे को लेकर भारी नाराजगी जताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को फटकार लगाई और मंडी सचिव को तत्काल चबूतरे खाली कराने के निर्देश दिए। बीमा कंपनी की लापरवाही पर जताई नाराजगी किसान दिवस में किसानों ने शिकायत की कि खरीफ 2025 की बीमा पॉलिसी अभी तक वितरित नहीं की गई है। साथ ही, गैर-ऋणी किसानों की पॉलिसियों को बिना ठोस कारण के रिजेक्ट किया जा रहा है। इस पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने सफाई दी कि पॉलिसियां पोस्ट ऑफिस भेज दी गई हैं और दस्तावेज स्पष्ट न होने के कारण कुछ आवेदन निरस्त हुए हैं। सीडीओ ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि सभी पॉलिसियों की दोबारा जांच की जाए ताकि कोई पात्र किसान वंचित न रहे। नीलगायों के आतंक और मंडी के कब्जों पर चर्चा किसानों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नीलगायों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। वहीं, मंडी में व्यापारियों द्वारा अवैध रूप से चबूतरों को घेरने की समस्या पर सीडीओ ने मंडी सचिव को सख्त लहजे में कहा कि जल्द से जल्द चबूतरों को खाली कराकर किसानों के लिए उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भड़के सीडीओ बैठक के दौरान कई विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और शिकायतों के निस्तारण में देरी पर सीडीओ ने कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सभी अधिकारी किसान दिवस में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये रहे उपस्थित: इस अवसर पर उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, लाखन सिंह, राजपाल यादव, नवनीत शर्मा, बाबूलाल दुबे सहित कृषि, सिंचाई, बिजली और पशुपालन विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।