निराश्रित गोवंश संरक्षण और चरागाहों को कब्जा मुक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: धर्मपाल सिंह

निराश्रित गोवंश संरक्षण और चरागाहों को कब्जा मुक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: धर्मपाल सिंह
निराश्रित गोवंश संरक्षण और चरागाहों को कब्जा मुक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: धर्मपाल सिंह

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन मंत्री, धर्मपाल सिंह ने आज विकास भवन सभागार में विभागीय मण्डलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अशोक जाटव, मुख्य विकास अधिकारी डी. पाल और भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह कोटार्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक मे माननीय मंत्री जी ने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण माननीय मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रधानमंत्री जी के विजन को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए पशुपालन मुख्य आधार है। मंत्री जी ने पुरानी सभ्यता का स्मरण कराते हुए 'गौशाला, पाठशाला और व्यायामशाला' के महत्व पर जोर दिया। मंत्री जी ने राजस्व और पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि सरकारी चरागाहों की भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त कराकर वहां हरा चारा लगवाया जाए। माननीय मंत्री जी ने नवाचार के सम्बन्ध में मंडली अधिकारियों से जानकारी लिए जिस पर महोबा पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में विकसित हो रहे 'काऊ टूरिज्म' मॉडल की सराहना करते हुए मंत्री जी ने निर्देश दिए कि इसे अन्य धार्मिक क्षेत्रों में भी लागू किया जाए और स्कूली बच्चों को इसके भ्रमण के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मंत्री जी ने चित्रकूट में संतों के लिए एक विशेष गौशाला के साथ जनपद में दो नई गौशालाओं के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। मुख्य विकास अधिकारी को नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए ताकि किसान पशुओं का परित्याग न करें। साथ ही, गोबर और गोमूत्र से उत्पाद बनाकर आय बढ़ाने तथा मुर्गी पालन, सूकर पालन व बकरी पालन जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर बल दिया। सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिए गए कि ठंड के मौसम में गौशालाओं में त्रिपाल और चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। मंत्री जी ने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को 'कान्हा गौशाला' के बेहतर प्रबंधन तथा 'बासी रोटी' संग्रहण के लिए ई-रिक्शा के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मृत गोवंश का निस्तारण ससम्मान गौशाला परिसर के भीतर ही गड्ढा खोदकर किया जाए। माननीय मंत्री जी ने शूकर पालन बकरी पालन भेड़ पालन तीनों के लक्ष्य बढ़ाए जाने को निर्देशित किए कहा कि इसमें अपार संभावनाएं हैं। माननीय मंत्री जी ने गलाघोंटू, खुरपका, मुंह पका, लम्पी डिजीज जैसी बीमारियों को के संबंध में कहा कि लक्षण देखते ही प्राथमिकता इलाज प्रारंभ करें जिससे कि फैलने न पाये। उन्होंने कहा कि नस्ल सुधार में प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सीमन फ्री में दिया जा रहा है जिससे कि नस्ल में सुधार हो सके। माननीय मंत्री जी ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए व बधियाकरण तीन चार महीने के बछड़े का करा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लगभग पंद्रह दिन तक सघन अभियान चलाकर बधियाकरण करें। माननीय मंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद में जो योजनाएं चलायी जा रही है वह धरातल पर दिखनी चाहिए यह सभी मंडलीय अधिकारी सुनिश्चित कराएं। बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने माननीय मंत्री जी और जनप्रतिनिधियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा और जनपद में पशु संरक्षण के कार्यों को नई गति दी जाएगी। इस अवसर पर मण्डल के सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, अपर मुख्या अधिकारी पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।