जनपद में जनगणना 2027 का बिगुल बजा डिजिटल मोड में होगा सर्वे
तैयारी: डीएम ने गठित की जिला स्तरीय समिति 2878 प्रगणक घर-घर जाकर पूछेंगे 34 सवाल
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जिले में 16 साल बाद होने जा रही जनगणना की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनगणना-2027 को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए 15 जिला स्तरीय अधिकारियों की समिति का गठन कर दिया है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें प्रगणक कागज-कलम के बजाय मोबाइल ऐप और सीएमएम पोर्टल के जरिए डेटा फीड करेंगे। दो चरणों में होगा काम बुधवार को कलेक्ट्रेट में जनगणना निदेशालय के प्रतिनिधि प्रत्यूश यादव ने समिति के सदस्यों के साथ मास्टर प्लान साझा किया। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मई-जून 2026 तक 'हाउस लिस्टिंग' (भवनों का सूचीकरण) का काम होगा। इसके बाद दूसरे चरण में फरवरी 2027 तक सूचीबद्ध मकानों में रहने वाले व्यक्तियों की विस्तृत गणना की जाएगी। 800 की आबादी पर एक ब्लॉक जनगणना के लिए जिले को 2618 ब्लॉकों में बांटा गया है। आबादी के लिहाज से हर 800 व्यक्तियों पर एक ब्लॉक बनाया गया है। मलिन बस्तियों के लिए अलग से गणना की योजना है। तहसीलवार डेटा देखें तो सदर में सबसे अधिक 198 गांव और पाली में सबसे कम 106 गांवों को शामिल किया गया है। 34 बिंदुओं पर देनी होगी जानकारी इस बार प्रगणक 34 अलग-अलग बिंदुओं पर सूचनाएं मांगेंगे। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, पेयजल, बिजली, शौचालय और संपत्ति जैसे महत्वपूर्ण सवाल शामिल होंगे। फैक्ट फाइल: जनगणना का अमला कुल प्रगणक: 2878 सुपरवाइजर: 488 फील्ड ट्रेनर: 42 मास्टर ट्रेनर: 02 (लखनऊ में लेंगे ट्रेनिंग) कब क्या होगा? (शेड्यूल) नियुक्ति: जनवरी से फरवरी 2026 प्रशिक्षण: मार्च से अप्रैल 2026 हाउस लिस्टिंग: मई से जून 2026 अंतिम गणना: फरवरी 2027 डीएम का निर्देश: "जनगणना राष्ट्र के विकास की नींव है। डेटा पूरी तरह सटीक होना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"