किन्हौली में आयोजित हुआ विराट कवि सम्मेलन,कवियों ने कविताओं से आनंदित किया गौरी कांत दीक्षित ने गरीबों को कम्बल बांटे, सभी कवियों व आयोजक मंडल का सम्मान
निष्पक्ष जन अवलोकन जितिन रावत ।। रामनगर बाराबंकी।ग्राम किन्हौली स्थित सहाय कॉन्वेंट विद्यालय के प्रबंधक शेष कुमार मिश्रा के द्वारा विशाल मिश्रा के संयोजन में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि जगन्नाथ निर्दोष की अध्यक्षता व रायबरेली के कवि नीरज पांडेय के संचालन हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौरीकांत दीक्षित द्वारा कवियों को सम्मानित कर सैकड़ो जरूरतमंद लोगों को कम्बल वितरण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विशिष्ट अतिथि जिला कार्यवाह सुधीर तिवारी थे।गोंडा से पधारी कवियत्री नीता सिंह नवल ने सरस्वती वंदना मां मेरे सिर तुम्हारा वरद हस्त हो, तार वीणा की यू झनझनाती रहे, सुन कर कार्यक्रम की शुरुआत किया। इसके बाद कवि गौरव गौरवान्वित ने राम की धरा पे खड़े राम का प्रमाण मांगे, ऐसे रामद्रोहियों को मार देना चाहिए सुन कर लोगों में जोश भर दिया, बाराबंकी की कवियत्री इशा मिश्रा ने जताया जो दर्द तो कायर कहलायेंगे, शायद इसलिए भी लड़के बिन रोये रह जाते हैं सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कवि रजत कुमार मिश्रा ने राम का नाम जिनके अधर पर नहीं, जिंदगी के वह सच्चे सफर पर नहीं सुनाकर पूरा माहौल राममय कर दिया, कवि मनोज मिश्रा ने सुनाया पहिले बुला के बाद में दुत कारिये नही,जो खुद मरा हुआ हो उसे मारिये नही सुनाया तो लोगों ने खूब तालियां बजाई। वरिष्ठ कवि हरिहरदत्त पांडेय ने आओ साथ साथ चले,बनके सच्चे यार,कर लो हम से प्यार,करलो हमसे प्यार। कवियत्री कल्पना तिवारी दिव्या ने रचना है इतिहास अगर तो, हर एक दर्द भुलाना होगा, दृढ़ संकल्प हृदय में करके तन में जोश जागना होगा सुनाया तो लोग वाहवाह कर उठे। वरिष्ठ कवि राम किशोर तिवारी ने तुम स्वयं अपना दीपक जलाओ सखे, सो गयी चेतना को जगाओ सखे। कवि सीताकांत स्वयंभू ने राष्ट्रहित में चार दिन की जिंदगी स्वीकार है,वरना सौ सौ वर्ष जीना व्यर्थ है बेकार है सुनाकर श्रोताओं को देशभक्ति में डुबो दिया। इसी तरह का युवा कवि शिवेस राजा,हर्ष प्रधान सहित अन्य कवियों ने अपने पाठ्य काव्य से श्रोताओं को खूब हंसाया। कार्यक्रम में भाजपा नेता सिद्धार्थ अवस्थी अलका मिश्रा,रंजन मिश्रा,मुरारी मिश्रा,देवी प्रसाद मिश्रा आदि ने सहभागिता किया।