श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 25 मई से 31मई तक
निष्पक्ष जन अवलोकन
प्रमोद सिन्हा
गाजीपुर आमघाट शिवलोक मैरिज हाल मे दिनांक 25 मई से 31मई तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन होना सुनिश्चित है कथावाचक पूजनीय श्री माधवानंदजी महाराज वृन्दावन वाले है उक्त सूचना कार्यक्रम आयोजक मुनिन्द्र श्रीवास्तव एडवोकेट ने दी उन्होंने कथा शाम 4 बजे से प्रतिदिन शुरू होंगी और समापन 01 जून को हवन एवं भंडारा के साथ संपन्न होगा उक्त कार्यक्रम मे उन्होंने श्रद्धांलुओं से अपील की है की अधिक से अधिक संख्या मे उपस्थिति होकर कथा का लाभ उठावे l जब-जब भी धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रुप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया।मनुष्य को उसका पाप मारता है । हमेशा दो वस्तुओं से डरो ईश्वर और पाप से इसलिए भगवान की भक्ति पूरी तन्मयता से करनी चाहिए ।जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है। जब भी हमें यह सुअवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें। कथा का सुनन तभी सार्थक होगा। जब उसके बताए हुए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करें। भागवत कथा एक एैसी कथा है जिसे सुनने ग्रहण करने से मन को शांति मिलती है । अपने शरीर में भरी मैल को साफ करने के लिए अगर इसे मन से ग्रहण करें तो यह अमृत के समान है । मानव का सबसे बड़ा दुश्मन हमारे अंदर बैठा अहंकार है । श्रीमद् भावगत कथा अपने मन में बँठा "मैं" और अहंकार को खत्म करने का उचित दर्शन हैl









