जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक कैंप कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विद्यालयों में 19 पैरामीटर पर कराए जा रहे कायाकल्प कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि बॉयज एवं गर्ल्स टॉयलेट, रनिंग वॉटर, कक्षाओं के फ्लोर, फर्नीचर तथा बाउंड्रीवाल निर्माण कार्यों हेतु सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध ढंग से कार्य कराए जाएं, तभी अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने के कार्य में विलंब हो रहा है, अतः इस पर विशेष फोकस किया जाए। बैठक में समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, जिनमें कायाकल्प, मध्यान्ह भोजन योजना, स्कूल चलो अभियान, डीबीटी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाएं तथा निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निपुण भारत मिशन में जनपद की प्रगति बढ़ाने हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में हैं, उनका तत्काल मूल्यांकन कराकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचें तथा नियमित रूप से शिक्षण कार्य संपादित करें। खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन विद्यालयों का निरीक्षण करने एवं निरीक्षण आख्या प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई शिक्षक अनुपस्थित पाया जाता है तो प्रथम बार वेतन रोकने, द्वितीय बार विभागीय कार्रवाई तथा तृतीय बार निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से मऊ एवं मानिकपुर क्षेत्र के विद्यालयों पर अतिरिक्त ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उपस्थित स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई, जिस पर बताया गया कि अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति नियमित रहती है। जिलाधिकारी ने नामित नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत बच्चों के अवशेष भोजन एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। स्कूल चलो अभियान की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन सुनिश्चित कराने तथा अभिभावकों से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में स्थापित एलईडी स्क्रीन के उपयोग की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अद्यतन डाटा उपलब्ध कराने एवं शिक्षण कार्य में एलईडी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ती है। उन्होंने विद्यालयों में स्थापित पुस्तकालयों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई स्थानों पर पुस्तकालय बंद पाए गए हैं तथा उन पर जाले लगी हुई हैं। उन्होंने पुस्तकालयों के नियमित संचालन एवं विद्यार्थियों की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में मासिक पैरेंट्स-टीचर मीटिंग नियमित रूप से आयोजित कराने को कहा। बैठक में मोक्ष चिकित्सा अधिकारी डॉ भूपेश द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य डायट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला स्तरीय अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक एवं बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।