अंधेरे में मुड़िया बिल वसूली के नाम पर पूरे गांव की बिजली गुल आक्रोश
लाइनमैन का चौंकाने वाला खुलासा- 'साहब के आदेश पर काटी लाइन
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। महरोनी विकासखंड के ग्राम पंचायत सैदपुर माजरा मुड़िया गांव में पिछले दो दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। 20 जनवरी से गांव की बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आरोप है कि बिजली विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के पूरे गांव की लाइन काट दी है। जब ग्रामीणों ने लाइनमैन से संपर्क किया, तो विभाग की तानाशाही कार्यशैली उजागर हुई। लाइनमैन बोला- ऊपर से आदेश है ग्रामीणों ने बताया कि जब लाइनमैन माखन से फोन पर बात की गई, तो उसने स्पष्ट रूप से कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर लाइन काटी गई है। लाइनमैन के अनुसार, "साहब ने कहा है कि मुड़िया गांव से कोई बिल जमा नहीं कर रहा है, इसलिए लाइन बंद कर दो।" इस बयान के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है। बिना सूचना कार्रवाई पर उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग ने न तो गांव में कोई मुनादी करवाई और न ही बिल जमा करने के लिए कोई लिखित नोटिस दिया। सीधा कनेक्शन काट देना नियमों के विरुद्ध है। विभाग की इस सामूहिक सजा का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई और पशुओं के पानी की समस्या खड़ी हो गई है।" क्या कहते हैं नियम। बिजली अधिनियम के अनुसार, किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले उसे 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है। साथ ही, कुछ बकायेदारों के कारण पूरे गांव की बिजली काटना पूरी तरह से अवैध है। अधिकारियों का रुख इस संबंध में जब क्षेत्रीय एसडीओ से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठा। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली बहाल नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और सीएम हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत करेंगे। ग्रामीणों की मुख्य मांगें बिना देरी किए गांव की बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। सिर्फ बकायेदारों पर कार्रवाई हो, पूरे गांव को परेशान न किया जाए। बिना नोटिस लाइन काटने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो।