सहकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

सहकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

निष्पक्ष जन अवलोकन।

रत्नाकर पांडेय।

बाराबंकी। सहकारिता विभाग के कर्मचारियों एवं सचिवों की आयोजित बैठक में कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिले भर के सचिव और कर्मचारी सामूहिक इस्तीफा देने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

बैठक जिला अध्यक्ष सुदामा पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें आठ सूत्रीय ज्ञापन तैयार किया गया। यह ज्ञापन सोमवार को जिलाधिकारी बाराबंकी एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को सौंपा जाएगा। कर्मचारियों ने मांग की कि सचिवों पर दर्ज मुकदमों तथा प्रस्तावित कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए। उनका आरोप है कि अधिकारियों द्वारा लगातार सचिवों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

बैठक में कर्मचारियों ने यह भी कहा कि सहकारी समितियों के सचिवों को सरकार की ओर से कोई वेतन नहीं दिया जाता है। सचिव खाद वितरण से मिलने वाले मामूली कमीशन पर ही अपना और परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसके बावजूद उन पर लगातार कार्रवाई और मुकदमे थोपे जा रहे हैं, जो अन्यायपूर्ण है।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पीसीएफ द्वारा धान एवं गेहूं खरीद का कमीशन पिछले तीन वर्षों से नहीं दिया गया है, जिससे समितियां आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर उर्वरक वितरण को लेकर भी कर्मचारियों ने स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। उनका कहना था कि कई गांवों में चकबंदी अधूरी है और बटाईदारी व्यवस्था होने के कारण खाद वितरण में व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं।

बैठक में अतिरिक्त समितियों का प्रभार समाप्त करने, झूठे मुकदमों पर रोक लगाने, कर्मचारियों को सुरक्षा देने तथा कार्य व्यवस्था को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की मांग भी उठाई गई।

अंत में कर्मचारियों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर जिले भर के सचिव सामूहिक इस्तीफा देंगे।

इस दौरान दिवाकर पांडेय, त्रिदेव तिवारी, आनंद गुप्ता, जितेंद्र वर्मा, दीपु वर्मा, शशिकांत द्विवेदी, राजेश कुमार, विनोद कुमार, संदीप गुप्ता, अमर सिंह वर्मा, दुर्गेश पांडे, प्रमोद तिवारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।