शिवरात्रि 15 फरवरी निकलेगी बूढ़ेनाथ से पालकी यात्रा 13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान

शिवरात्रि 15 फरवरी निकलेगी बूढ़ेनाथ से पालकी यात्रा  13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू  बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान

निष्पक जन अवलोकन। मनोज अग्रहरी। मीरजापुर। मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा। एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी। डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती। डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्डों को पाट कर समतल करना चाहिए। डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके। पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें। एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों। पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया। वरिष्ठ पत्रकार सलिल पांडे जी