बजाज फाइनेन्स कम्पनी लिमिटेड व आम नागरिकों के साथ षड्यन्त्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 1 करोड़ 71 लाख रूपये की धनराशि की धोखाधड़ी करने वाले चार वांछित अभियुक्तों गिरफ्तार
अभियुक्तगण के कब्जे से 04 अदद स्मार्ट मोबाइल फोन विभिन्न कम्पनियों के , 4900 रूपये नगद व अन्य प्रपत्रों को किया गया बरामद । __________________________
निष्पक्ष जन अवलोकन। अरविन्द कुमार पटेल। ललितपुर। जनपद में 28 नम्बर को अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर एवं पुलिस महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र, झांसी के निर्देश के क्रम में, श्रीमान् पुलिस अधीक्षक, मोहम्मद मुश्ताक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक एंव क्षेत्राधिकारी सदर के निकट पर्यवेक्षण में, जनपद में अपराध एव अपराधियो के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में कोतवाली ललितपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 881/25 धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/61(2)/341(2)बीएनएस में वांछित 04 अभियुक्तगण . महेन्द्र राय पुत्र रामबक्श राय निवासी 1278 नेहरूनगर निकट टोरिया मन्दिर थाना कोतवाली ,अभिनव निगम पुत्र राजेश निगम निवासी गली नंबर पांच गायत्री विहार कस्बा पारा थाना पारा जिला कमिश्नरेट उत्तरी लखनऊ ,पारस वर्मा पुत्र घनश्याम वर्मा निवासी कालपी ब्रिज कोलोनी थाना मुरार जिला ग्वालियर मध्यप्रदेश व . विकास दिवाकर पुत्र विजय बाबू दिवाकर निवासी ग्राम दिनारा निकट अम्बेडकर पार्क (पुराना पोस्ट आफिस) थाना दिनारा जिला शिवपुरी मध्यप्रदेश को नियमानुसार गिरफ्तार कर, न्यायिक अभिरक्षा हेतु न्यायालय पेश किया। घटना का संक्षिप्त विवरण- वादी मुकदमा श्री संदीप सिंह सोलंकी पुत्र लक्ष्मन सिंह सोलंकी उम्र करीब 29 वर्ष असिस्टेन्ट मैनेजर रिस्क बजाज फाइनेन्स लिमिटेड झोखन बाग इलाइट चौराहा जनपद झांसी ने अभियुक्तगण महेन्द्र बरार, नवनीत आदि 07 नफर के विरूद्ध, जिसमें अभियुक्तगण द्वारा धोखाधड़ी करके, षड़यन्त्रपूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बजाज फाइनेन्स कम्पनी को करीब 1,71,01,703/- रुपये की क्षति पहुचाने के सम्बन्ध में उक्त अभियोग कोतवाली ललितपुर पर पंजीकृत कराया था । उपरोक्त प्रकरण की गंभीरता व व्यापकता को देखते हुए श्रीमान् पुलिस अधीक्षक, ललितपुर द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचनात्मक कार्यवाही व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु SIT टीम गठित की गयी थी , जिसके द्वारा सर्विलांस(मैनुअली/टैक्नीकल), वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन व अन्य एकत्रित साक्ष्यों की मदद से उक्त प्रकरण में वांछित 04 अभियुक्तगण को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया है । पूछतांछ का विवरण:अभियुक्तगण ने पूछने पर बताया कि हम लोगो का एक संगठित गिरोह है । हमारी गिरोह के सभी लोग मिलकर , लोन दिलाने के नाम पर लोगो को गुमराह करके , अधिक लाभ कमाने के लिये कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर लोन दिलाने का काम करते थे । साहब हम लोग बजाज फाइनेन्स में काम करते हैं, जिसके कारण हमे कम्पनी के अन्दर , लोन से संबंधित सभी प्रपत्रों की जानकारी थी । कम्पनी में किस व्यक्ति को कैसे लोन मिलेगा , हम लोगो को इस पूरे काम की पूर्ण जानकारी थी । साहब हमारे संगठित गिरोह में कई स्तर पर काम बंटा हुआ है जैसे कि लोन कैसे मिलेगा ? कौन प्रपत्र तैयार कराएगा आदि ।ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों का लोन कराने के लिए हम लोग पम्पलेट बनाकर, सभी सार्वजनिक जगहों पर चिपका देते थे जिसमें हमारे गिरोह के सदस्यो के मोबाइल नम्बर अंकित होते थे । जिस किसी भी व्यक्ति को लोन लेना होता था ,वह उस नम्बर पर फोन करता था , जिससे हम लोग सम्पर्क करके उससे सम्बन्धित फाइल को तैयार करते थे । शुरूआत में हम लोगो ने सही व्यक्तियों का लोन पास कराया था , जिसमें हम लोगो को कमीशन मिलता था । बाद में हम लोगो के द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रापर्ट्री से सम्बन्धित लोन कराना शुरू कर दिया, इसके लिये हम लोग कूटरचित तरीके से तैयार रजिस्ट्री के प्रपत्र , पैनकार्ड , आधारकार्ड, नया एकाउन्ट नम्बर खुलवाकर के यह सारा फ्राड करने लगे और लोन का पैसा हम लोग फर्जी खातों में मंगाकर , उसको कैश के रूप में निकालकर आपस में सभी लोग बांट लेते हैं । साहब हमसे गलती हो गयी, माफ कर दीजिये ।*