जल धरोहर गोल तालाब बचाओ सत्याग्रह

जल धरोहर गोल तालाब बचाओ सत्याग्रह
जल धरोहर गोल तालाब बचाओ सत्याग्रह

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट। जनपद के मुख्यालय कर्वी में गणतंत्र दिवस से पेशवाकालीन विशिष्ट नक्काशी की ऐतिहासिक जलधरोहर गोल तालाब के उद्धार का प्रण लेते हुए गोल तालाब निवासियों और चित्रकूट के जल प्रहरियों ने राष्ट्र ध्वज फहराया। गोल तालाब निवासियों ने प्रदूषित भू-जल को शुद्ध बनाने और दुर्गंध मारते गोल तालाब के पुनर्जीवन के लिए विशेष चिंतन गोष्ठी कर गोल तालाब जल बचाओ सत्याग्रह के चलाने का संकल्प लिया। तालाब सत्याग्रह में सत्य की पहचान कराने और राज्य समाज की जल धरोहर के साथ की जा रही हिंसा को रोकने एवं संवेदनशील बनाने क लिए श्रमदान यज्ञ का संकल्प लिया गया। सभी ने सर्वसम्मत से निर्णय लिया कि जब तक जिला प्रशासन, नगर पालिका और समाज सर्वसम्मत से हमारी जल धरोहर के पुनर्जीवन का निर्णय नहीं लेता तब तक हम लोग प्रतिदिन एक घंटे का श्रमदान करेंगे। गोष्ठी की अध्यक्षता गोल तालाब निवासी पूर्व उप खंड विकास अधिकारी सीएल वर्मा ने की। इस अवसर पर स्थानीय निवासी और तालाब सत्याग्रही चंद्रपाल सिंह ने कहा कि हमारा गोल तालाब भू-गर्भ जल से जुड़ा हुआ है। इसकी गहराई तीन मंजिला हमें बताई गई है। यह हम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि करीब एक किलोमीटर दायरे में रहने वाले मनुष्यों और पशुओं के कंठ की प्यास बुझाने वाला तालाब है। यह 30 साल में गंदगी से पट चुका है। स्थानीय निवासी अर्जुन ने कहा कि हम मजदूर हैं। दो वर्ष पहले नगर पालिका की सड़क बन रही थी। उस समय ठेकेदार और इंजीनियर दोनों ने शहर की नालियों को जब तालाब में जोड़ने का काम शुरू किया, तब हम लोगों ने बड़ा विरोध किया लेकिन वह लोग नहीं माने। हम लोग कमजोर थे जिसका परिणाम था कि हमारे गोल तालाब में नगर पालिका ने शहर की नालियां जोड़ दीं। इतना ही नहीं विकास प्राधिकरण ने नक्शे पास किए। इसका परिणाम है कि तालाब के आसपास मकान तो बन गए लेकिन घरों के पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण घरों का गंदा पानी तालाब में डाला जा रहा है। तालाब के प्रदूषित होने से हमारे हैंड पंपों का पानी प्रदूषित हो गया है। इसका परिणाम है कि हमारे बच्चे और परिवार पेट की बीमारी से परेशान हैं । भू-जल का प्रदूषित होना मानवता के साथ सबसे बड़ा अत्याचार है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष स्वर्गीय शशि वर्मा के पति जल प्रहरी राम मनोहर वर्मा ने कहा कि हमने बचपन में इसमें नहाया है। इतना ही नहीं नई बाजार शंकर बाजार निवासी और स्थानीय गांव के लोग इसमें स्नान करते थे और एक अद्भुत जल धरोहर थी। हमारे कार्यकाल में गोल तालाब नगर पालिका में सम्मिलित नहीं था। जल प्रहरी अभिमन्यु भाई ने कहा कि एक आदमी को मारने से 302 लगता है जिसकी सजा फांसी है। जिन लोगों की नालियां इस तालाब में लगी हैं सबसे पहले वह लोग इस तालाब को मारने के लिए दोषी हैं। इसके बाद नगर पालिका ने जो जल धरोहर के अंदर शहर के सीवर और मैला ढोने वाली नलियां लगाकर जो काम किया है वह काम मानवाधिकार को मारने वाला है। विशिष्ट जल धरोहरों को संरक्षित करने के बारे में यदि नगर पालिका नहीं सोचेगी तो कौन सोचेगा। नगर पालिका में बैठने वाले जनप्रतिनिधियों को जल धरोहरों के साथ हो रही हिंसा को रोकना चाहिए। किससे आशा करें अपने आने वाली पीढ़ी को अच्छा वातावरण देने के लिए अच्छी जल्द धरोहर उन्हें सौपने के लिए। आज जरूरत है जल धरोहरों के साथ हो रही हिंसा को रोकना। हिंदुओं का सम्मान तभी होगा जब वह अपने धर्म के प्रतीकों जल जंगल पहाड़ों को शुद्ध अविरल रखेंगे। उन्होंने कहा कि चित्रकूट की ऐतिहासिक विशिष्ट जलधरोहर से हम लोगों की संस्कृति विकसित हुई है। जब सड़क नहीं थी, वाहन नहीं चलाते थे, तब चित्रकूट जाने वाले रास्ते में निर्मित यह जल धरोहरें यात्रियों के लिए बहुत ही आनन्द देती थी। हमें दुख है कि हमारी जल धरोहरें पराधीन हो गई है उनकी स्वतंत्रता सरकार ने छीन ली है। इसका परिणाम है कि गोल तालाब के आसपास का भू-जल भी प्रदूषित हो चुका है। चित्रकूट जनपद में चल रहे जल संरक्षण के सरकारी प्रयासों से नगर पालिका चित्रकूट के अंदर पेशवाकालीन जल धरोहरें सरकार से दूर है। गणतंत्र दिवस पर तालाब जलधरोहर बचाओ अभियान के जल प्रहरी हीरा सिंह, लवकुश पटेल, राम मनोहर वर्मा, महेन्द्र गुप्ता और सर्वोदय मिशन के स्वयं सेवक अभिमन्यु भाई की पहल पर गोल तालाब के आसपास रहने वाले करीब 150 लोग एकत्र हुए। इनमें से 24 लोगों ने झंडा फहराने के मौके पर तालाब की नियमित एक घंटे तक सफाई करने की शपथ ली। इस दौरान प्रतिदिन सुबह आठ से नौ बजे तक गोल तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए श्रमदान समिति का गठन किया गया। इस समिति में गोल तालाब निवासी छोटेलाल वर्मा, राजा, भूरा, लाला भाई, चंद्रपाल पटेल और अर्जुन को रखा गया है। आज पहले दिन श्रमदान के दौरान कोई यंत्र न होने की वजह से तालाब में मौजूद जलकुंभी को निकालने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। साथ आसपास की नालियों और नालों का पानी तालाब में गिरने से तट पर खड़ा होना मुश्किल हो गया। इसलिए यंत्र आदि के संसाधन जुटाने के लिए कोष स्थापित किया गया। पहले दिन ही लोगों ने 700 रुपये जमा किए। श्रमदान का दूसरा दिन 27 जनवरी 2026 श्रमदान यज्ञ के दूसरे दिन छोटेलाल, अशोक, लवकुश सिंह, भूरा प्रसाद, जमुना प्रसाद, हीरा सिंह, देवी दयाल, कक्षा 11 में पढ़ने वाला छात्र छोटू, अखिलेश सिंह, अरुण सहित 11 लोगों ने श्रमदान में भाग लिया। जल प्रहरी अभिमन्यु भाई भी मौजूद रहे। श्रमदान का तीसरा दिन 28 जनवरी 2026ः सीएल वर्मा के नेतृत्व में जल धरोहर गोल तालाब के अंदर श्रमदान यज्ञ प्रातः 8:00 बजे शुरू होकर 9:00 समाप्त हुआ। तालाब में बदबू बहुत है और अंदर जलकुंभी हैष उसे निकालने के लिए आपस में धन एकत्र एक यंत्र सत्याग्रहियों ने बनाया।एक यंत्र स्थानीय निवासी अभियान के सदस्य अर्जुन वर्मा ने दिया। श्रमदान करने वाले श्रमदानियों को दुर्गंध गंदगी से बचाने के लिए हाथों के लिए चिकित्सा दस्ताने ग्लव्स स्वास्थ्य कर्मचारी रमेश सिंह ने आकर वितरित किए। आज तीसरे दिन युवा वर्ग भी सम्मिलित हुआ और कुछ बच्चे भी आए। आज करीब 15 श्रमदानियों ने तालाब सफाई में काम किया। अभिमन्यु भाई ने सभी को बताया कि 27 जनवरी को जिलाधिकारी से हम मिले थे। उन्हें गोल तालाब में किए जा किया जा रहे सत्याग्रह और श्रमदान यज्ञ के बारे में बताया। इस समय नगर पालिका के अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता भी साथ में थे। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि भारत सरकार की कोई योजना गोल तालाब के सुंदरीकरण की कई वर्षों पहले आई थी जो अभी भी स्वीकृत नहीं हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध किया कि उस योजना को आप देख लें और उसे स्वीकृत करने की अगवाई करें। सभी ने सर्वसम्मत से निर्णय लिया कि चित्रकूट जनपद के अंदर समस्त राजनीतिक दलों सामाजिक संगठनों से मिलकर उन्हें श्रमदान के लिए आमंत्रित करने की कार्यवाही समिति के लोग करें। श्रमदान के बाद समस्त जल प्रहरियों ने यह भी संकल्प लिया कि चित्रकूट विरासत संरक्षण फोरम के अभिमन्यु भाई के नेतृत्व में गोल तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए काम किया जाएगा। सभी ने अपनी मांग दुहराई 1-गोल तालाब के संरक्षण के लिए सरकार आगे आए। इसके शरीर को सबसे पहले बचाए। 2-चित्रकूटधाम कर्वी नगर पालिका तत्काल प्रभाव से तालाब से जोड़े गए सीवेज को नालों को तत्काल हटाए। 3-गोल तालाब के पुनर्जीवन और व्यवस्थीकरण की योजना तत्काल बनाई जाए। 4- इस योजना के प्रारूप में गोल तालाब सत्याग्रहियों को भी शामिल किया जाए। 5- गोल तालाब को चित्रकूट की विशिष्ट जल धरोहर में जोड़ा जाए और इसके संरक्षण रखरखाव की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग को दी जाए। निवेदक चित्रकूट जलधरोहर गोल तालाब बचाओ सत्याग्रही सी एल वर्मा,अभिमन्यु भाई, राम मनोहर , महेन्द्र गुप्ता हीरा सिंह लवकुश पटेल चन्द्र पाल सिंह आदि